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किसान का लाल लंदन में गोल्ड मेडल एवार्ड उपाधि से हुआ सम्मानित,मधेपुरा जिला का लाल निलेश समदर्शी ने इंग्लैंड में लहराया परचम

On: December 23, 2024 7:45 AM
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किसान का लाल लंदन में गोल्ड मेडल एवार्ड उपाधि से हुआ सम्मानित,मधेपुरा जिला का लाल निलेश समदर्शी ने इंग्लैंड में लहराया परचम

:-इंग्लैंड के चांसलर रचेल रीव्स ने विशेष समारोह में निलेश समदर्शी को किया सम्मानित

:-परिजन सहित इलाके के लोगों ने निलेश को दी बधाई, बेहतर भविष्य की कामनाएं की

न्यूज़96इंडिया,बिहार

उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के खोखसी पंचायत के बाड़ा गांव के किसान स्वर्गीय अमरनाथ सिंह के पुत्र नीलेश समदर्शी लंदन में गोल्ड एवार्ड की उपाधि से सम्मानित किए गए। उन्हें इंग्लैंड के चांसलर ने इंग्लैंड के एक समारोह में सम्मानित किया।निलेश के पिता साधारण किसान थे। निलेश के कामयाबी पर परिजन सहित गांव कस्बे और जिले के लोग काफी खुश हैं। मधेपुरा के लाल निलेश समदर्शी के कामयाबी पर परिजन संबंधी सहित जिले और अनुमंडल क्षेत्र के तमाम लोग गौरवान्वित महसूस कर रहें हैं। इलाक़े के लोगों ने निलेश की कामयाबी पर उन्हें बधाई दी है। वहीं निलेश के बेहतर भविष्य की कामनाएं की है। मालूम हो कि निलेश ने लंदन के साउथैंपटन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय परिवहन व्यापार और रसद (इंपोर्ट एक्सपोर्ट) में फर्स्ट क्लास फर्स्ट डिस्ट्रिक्टशन मार्क से टॉप करके 44 भारतीय छात्रों में टॉप 5 में अपना दबदबा कायम करने की उपलब्धि हासिल की है। जिस कारण उसे इग्लैंड के चांसलर ने गोल्ड मेडल एवार्ड की उपाधि से सम्मानित किए। निलेश का जन्म 01 जुलाई 1992 को हुआ है। वस्तुत: वह मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के खोक्शी पंचायत के बाड़ा गांव के रहने वाले हैं। निलेश ने पाटलिपुत्र सेंट्रल स्कूल सहरसा से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की और एडीएन इंग्लिश स्कूल पटना से 2007 में दसवीं पास किया और पटना के ही सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल से 2009 में बारहवीं पास किया। उसके बाद निलेश ने अंतर्राष्ट्रीय परिवहन व्यापार और रसद (इंपोर्ट एक्सपोर्ट) में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अमेरिका चले गए। अमेरिका में उन्होंने 2016 से 2021 तक इंपोर्ट एक्सपोर्ट की पढ़ाई की पर उन्हें कुछ खास हासिल नहीं हुआ। वे थक हार कर फिर गांव लौट आए। उनकी आर्थिक हालात भी खराब हो चुके थे। फिर निलेश ने अपने पंचायत से वर्ष 2021 में मुखिया से चुनाव लड़ा पर वे मात्र 65 वोट से चुनाव हार गए। वह काफी टूट चुके थे, फिर उनके मामा शैलेंद्र कुमार सिंह और दोस्त जैसे ममेरे भाई सूरज कुमार सिंह ने उसकी आर्थिक मदद की और एक बार फिर से इंपोर्ट एक्सपोर्ट की पढ़ाई के लिए निलेश को लंदन भेजा गया। निलेश ने 2023/24 में लंदन के साउथैंपटन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय परिवहन व्यापार और रसद (इंपोर्ट एक्सपोर्ट) में फर्स्ट क्लास फर्स्ट डिस्ट्रिक्टशन मार्क से टॉप करके 44 भारतीय छात्रों में टॉप 5 में अपना दबदबा कायम करने की उपलब्धि हासिल की। जिस कारण उसे इग्लैंड के चांसलर ने गोल्ड मेडल एवार्ड की उपाधि से सम्मानित किए। निलेश ने बताया कि शुरू से ही हमारे अंदर एक जज्बा था कि हम अपने देश के व्यापार में बढ़ावा लाने के लिए कुछ कर सके। उन्होंने बताया कि इंपोर्ट का मतलब होता है दूसरे देशों का सामान अपने देश में मंगाना और एक्सपोर्ट का मतलब होता है अपने देश का सामान बाहर देशों में भेजना।
उनके इस उपलब्धि पर यूभीके कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ माधवेंद्र झा, प्रो रविन्द्र कुमार रमण, प्रभाष कुमार पिंटू, मो मिर्जान आलम, डॉ पी आलम, डॉ इरशाद आलम, डॉ मो वशी अहमद, पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता, मंटू यादव, भाजपा नेता अरबिंद सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य अमलेश राय, पूर्व प्रमुख विकास चंद्र यादव, मो मुख्तार आलम, नितीश राणा, रणजीत कुमार मिश्रा, संजीव झा, प्रीतम मंडल, वार्ड पार्षद रमण कुमार राणा, संजय मार्सल, अजय मंडल, संतोष मंडल, प्रदीप मंडल आदि ने बधाई दी है।

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