देश विदेश राज्य राजनीति अपराध स्पोर्ट्स बिजनेस मनोरंजन टेक ऑटोमोबाइल

---Advertisement---

झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 53वां स्थान प्राप्त कर अमित आनंद बने एसडीएम,जिले का किया नाम रौशन

On: July 25, 2025 5:32 PM
Follow Us:
---Advertisement---

झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 53वां स्थान प्राप्त कर अमित आनंद बने एसडीएम,जिले का किया नाम रौशन

:-मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल निवासी अमित आनंद ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 53वां स्थान प्राप्त कर एसडीएम पद पर चयनित हुए हैँ.

न्यूज़96इंडिया, मधेपुरा

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय निवासी अमित आनंद ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में 53वां स्थान प्राप्त किया.जिसके बाद उनका चयन एसडीएम(SDM) पद पर हुआ है.अमित के चयन की सुचना पाकर क्षेत्र सहित जिले के लोगों में हर्ष का माहौल है.

पढ़ाई में थी अमित की रूचि:-

अमित मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 16 के रहने वाले हैँ.अमित के पिता चंद्रशेखर झा वर्तमान में अंचल कार्यालय पुरैनी में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी माँ शर्मिला झा एक कुशल गृहिणी (HOUSE WIFE) हैं।अमित के माता-पिता का कहना है वह शुरुआत से हीं पढ़ने में तेज था. उसकी रूचि पढ़ाई में अधिक थी.

प्रारंभिक शिक्षा पूर्णियाँ से हुई:-

जानकारी के अनुसार अमित आनंद की प्रारंभिक शिक्षा पूर्णियाँ के बिजेंद्रा पब्लिक स्कूल से हुई.आगे 12वीं की पढ़ाई डीपीएस बोकारो से पूरी की.इसके बाद अमित वर्ष 2019 में हल्दीया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,वेस्ट बंगाल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया.

बिना कोचिंग के की सेल्फ स्टडी:-

हल्दीया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,वेस्ट बंगाल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद अमित कोविड के समय में घर पर हीं रहकर पढ़ाई की.अमित बताते हैँ की उन्होंने इस दौरान किसी निजी संस्थान या कोचिंग की मदद नहीं ली. वह घर पर रहकर ही सेल्फ स्टडी के माध्यम से JPSC परीक्षा की तैयारी करने लगे.अमित की लगन और मेहनत रंग लाई.वे पहले ही प्रयास में सफलता की इबारत लिख दी.झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 53वां रेंक लाकर अमित एसडीएम बन गए.

बातचीत के दौरान अमित ने कहा की मेहनत,लगन और दृढ संकल्प के बदौलत किसी भी लक्ष्य को पाना मुमकिन है. उन्होंने कहा की वे कोविड के दौरान बड़ी धैर्य और लगन के साथ पढ़ाई किया करते थे. उन्हें उनके परिवार का पूरा सहयोग मिलता रहा है.

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment