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मधेपुरा:उदाकिशुनगंज के कस्तूरबा विद्यालय के वार्डन से जबाब तलब,टीकाकरण के बाद बेहोश हुई छात्रा का ब्लेड से कटा मिला था हाथ

On: July 23, 2025 4:12 PM
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:-बीईओ ने माना घटना है गंभीर,वार्डन की लापरवाही आया सामने

न्यूज़96इंडिया, मधेपुरा

मधेपुरा जिला के उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की व्यवस्था से शिक्षा विभाग के अधिकारी नाराज हैं. नाराजगी की वजह वार्डन की लापरवाही माना गया है. व्यवस्था से नाराज बीईओ निर्माला कुमारी ने वार्डन से जबाब तलब किया है. इतना ही नहीं वार्डन से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण का जबाब देने को कहा गया है. संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में एक अख़बार के खबर का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ऐसी किसी घटना की सूचना अविलंब आपके (वार्डन ) द्वारा अधोहस्ताक्षरी को नहीं दिया जाना लापरवाही एवं मनमाने पूर्ण रवैया को दर्शाता है. इस प्रकार की घटना का होना अत्यंत ही खेद जनक है. यह भी स्पष्ट करता है कि आपके आवासीय विद्यालय एवं छात्राओं की देखरेख की व्यवस्था अत्यंत ही दयनीय है.

बीईओ ने लिखा है कि प्रकाशित खबर में वार्डन का पक्ष है कि बच्चें आपस में गुलदस्ता बनाने के क्रम में छात्रा का दोनो हाथ कटा. जो कि कहीं से भी तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है. छात्रा का हाथ कटने के उपरांत विद्यालय में बेहोश हो जाने से स्पष्ट होता है कि विद्यालय में छात्राओं के कार्यकलाप पर किसी कि निगरानी नहीं रहती है, अन्यथा छात्रा के बेहोश होने की स्थिति उत्पन्न नहीं होती. निर्देश दिया गया है कि उक्त बिन्दुओं एवं संलग्न प्रेस कतरन के आलोक में अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय. अन्यथा आपके (वार्डन) उपर अनुशासनिक कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारी को प्रतिवेदित कर दिया जाएगा.

यह है घटनाक्रम :-

दरअसल उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शनिवार की देर शाम बेहोशी की हालत में एक 12 वर्षीय छात्रा को आनन-फानन में पीएचसी में भर्ती कराया गया. जहां छात्रा का दोनों हाथ ब्लेड से कटा मिला. छात्रा ने हाथों पर कई जगह ब्लेड से उकेर कर खुद को जख्मी कर लिया. छात्रा ने खुद को क्यों जख्मी किया. इसका स्पष्ट जबाब देने से कतराते रहे. मामला पुलिस तक पहुंचा. इस मामले में पुलिस और विधालय के वार्डन का पक्ष सामने आया था. वार्डन प्रतिमा कुमारी का कहना था कि कोई खास बात नहीं है. आपस में बच्चे गुलदस्ता बनाती है. उसी दौरान ब्लेड कट गया. वहीं थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह का कहना था कि पूछताछ में छात्रा ने फूल काटने के दौरान ज़ख्म होने की बात बताई. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अंकित सौरभ का कहना था कि बेहोशी की सूचना पर मेडिकल टीम कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे. जहां बेहोश छात्रा को अस्पताल लाया गया. ब्लेड से हाथ कटने के कारण छात्र बेहोश हुई. मामला सामने आने पर लोग कस्तूरबा विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाने लगें.

प्रशासनिक हलकों में मची रही खलबली :-

शनिवार की देर शाम आवासीय कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा का ब्लेड से हाथ कटने का मामला सामने आने पर प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई थी. हर तरफ से मैनेज का खेल चलता रहा. अब जबकि खबर प्रकाशन के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया तो वास्तविकता सामने आने की संभावना जगी है. बताते चलें कि मामले सामने आने पर युवा समाजसेवी नीतीश राणा और रवि राय ने मामले को गंभीर बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग उठाई थी.

लोगों के बीच तैर रहा सवाल :-

अब सवाल उठता है कि विधालय के अंदर छात्रा ने ब्लेड से हाथ काटकर खुद को क्यों जख्मी किया. इसकी वजह क्या हो सकता है. जो छात्रा भय के कारण खुलासा करना से परहेज़ करती रही. बताया जाता है कि स्कूल संचालक द्वारा छात्रा को वास्तविकता का खुलासा करने से मना कर दिया. भय के कारण छात्रा सच्चाई नहीं बता रही है. यही वजह रहा कि हर तरफ से मामला पर पर्दा डालने की कोशिश होती रही.

टीकाकरण को लेकर उठा मामला :-

दरअसल मामला टीकाकरण को लेकर उठा. जानकारी के अनुसार राज्य स्वास्थ्य समिति पटना द्वारा सूबे में चलाए जा रहे ह्यूमन पेपीलिमा वायरस (एचपीवी) से बचाव को लेकर शनिवार को आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं के बीच टीकाकरण अभियान चलाया गया. जिसमें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा.अंकित सौरभ के नेतृत्व में बीएचएम अनिश कुमार, बीएमसी प्रेमशंकर सिंह,डीईओ रंजेश कुमार,बीभीडीएस अमित प्रकाश, एएनएम शोभा कुमारी, करुणा सिंहा ने द्वारा विद्यालय के 40 छात्राओं को कैंसर से बचाव को टीकाकरण किया गया. उसके कुछ घंटे बाद पीएचसी प्रभारी को एक छात्रा के बेहोश होने की सूचना मिली. चिकित्सा पदाधिकारी मेडिकल टीम के साथ कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे. जहां बेहोश छात्रा को पीएचसी लाया गया. इलाज के दौरान चिकित्सक ने छात्रा मौसम कुमारी के दोनों हाथ में ब्लेड से कटा जख्म पाया. तब यह साफ हुआ कि टीकाकरण के कारण छात्रा बेहोश नहीं हुई. बल्कि ब्लेड से हाथ कटने के कारण छात्रा बोहोश हुआ है.

पूर्व में भी विधालय की व्यवस्था पर उठे थे सवाल :-

आवासीय कस्तूरबा विद्यालय में व्यवस्था को लेकर यह पहली बार सवाल नहीं उठा है. इससे पूर्व में भी अधिकारी ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जता चुके हैं. कस्तूरबा विद्यालय की व्यवस्था को लेकर इसी साल के दो अप्रैल को जिला शिक्षा पदाधिकारी मधेपुरा द्वारा संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया था. जिसमें जिला पदाधिकारी के पत्र का जिक्र किया गया था. जिसमें बताया गया था कि जिला पदाधिकारी मधेपुरा द्वारा 12 मार्च 2025 को विधालय निरीक्षण क्रम में संचालक अनुपस्थित मिले थे. कुल नामांकित छात्रा के हिसाब से उपस्थिति में कमी पाई गई. बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज नहीं होना पाया गया था. सीसीटीवी कैमरा खराब मिला था. छात्रों के छात्रावास से बाहर जाने हेतु पंजी का संधारण किया जाता है, लेकिन आने का पंजी का संधारण नहीं किया जाना मिला. छात्रों के आवासन की व्यवस्था सही नहीं पाया गया था. रसोईघर अव्यवस्थित मिला. शौचालय व चापकल की स्थिति खराब पाई गई थी. बताते चलें कि 27.03.2025 के स्पष्टीकरण का जबाब नहीं मिलने पर जिला पदाधिकारी द्वारा दोबारा जबाब तलब किया गया था.

सख्ती के बाद भी नहीं हो पा रहा सुधार :-

कस्तूरबा विद्यालय की व्यवस्था में सुधार को लेकर प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समय-समय पर सख्ती बरती गई. लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है. अब जबकि एक बार फिर से विधालय की व्यवस्था पर सवाल उठा है तो कार्रवाई की आस जगी है.

शिक्षा विभाग के अधिकारी को नहीं लगी भनक :-

ताजुब की बात तो यह है कि कस्तूरबा विद्यालय से सटे सामने में ही बीआरसी कार्यालय है. यहां प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बैठते हैं. लेकिन उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी. शिक्षा विभाग के अधिकारी को तीसरे दिन सोमवार को समाचार पत्र के माध्यम से घटना की जानकारी मिलती है. उसके बाद मामले में संज्ञान लिया गया. बीईओ ने घटना को गंभीर माना है.

कहते है प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी :-

मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी निर्मला कुमारी ने कहा कि घटना गंभीर है. मामले में संज्ञान लेते हुए वार्डन से स्पष्टीकरण मांगा गया है. वार्डन के छुट्टी में होने से जबाब नहीं मिला है. अन्य कर्मी से जानकारी ली गई है. मामले में जांच चल रही है. शीघ्र ही रिपोर्ट वरीय अधिकारी को समर्पित किया जाएगा. कार्रवाई तो होगी.

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