दूरदर्शन तक गूंजी मधेपुरा की आवाज: मधुबाला भारती ने भक्ति संगीत से बनाई खास पहचान

दूरदर्शन तक गूंजी मधेपुरा की आवाज: मधुबाला भारती ने भक्ति संगीत से बनाई खास पहचान

28 अप्रैल को दूरदर्शन बिहार पर अराधना कार्यक्रम में मधुबाला के भजन प्रस्तुति हुआ प्रसारित भगवान श्रीगणेश, हनुमानजी पर आधारित भक्ति भजनों की मधुबाला ने दी बेहतरीन प्रस्तुति

मधेपुरा:सफलता के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है। निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। इसी को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाकर मधुबाला लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में दर्जनों राजयकीय महोत्सवों के मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी मधुबाला भारती ने दूरदर्शन तक अपनी आवाज को पहुंचाने में सफल रही। वैसे तो मधेपुरा जिला कई कलाकारों के लिए प्रस्थान बिंदु साबित हुआ है। इसमें प्रसिद्ध तबलावादक एवं राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत दिवंगत योगेंद्र प्रसाद यादव सहित कई अन्य शामिल हैं।

इसी कड़ी में अब मधुबाला भारती भी लगातार आगे बढ़ रही है, जो मधेपुरा जिले के लिए गौरवपूर्ण है। वर्तमान में मधुबाला भारती जिला मुख्यालय स्थित रासबिहारी हाईस्कूल में संगीत शिक्षिका के पद पर रहते हुए छात्रों के प्रतिभारूपी धागे में संगीत के मोती पिरोह रही है।

दूरदर्शन बिहार के अराधना कार्यक्रम में दी भजन की प्रस्तुतिलगातार अपने प्रस्तुति एवं प्रतिभा से लोकगायकी में अपनी पहचान को सुदृढ़ कर रही मधुबाला भारती को दूरदर्शन बिहार में अराधना कार्यक्रम में भजन की प्रस्तुति करने का अवसर मिला। अराधना कार्यक्रम जो दूरदर्शन बिहार पर प्रत्येक दिन सुबह 6 से 7 बजे के बीच में टेलीकास्ट होने वाला भक्ति कार्यक्रम है।

इस कार्यक्रम में मधुबाला भारती ने जय जय भैरवी, हनुमानजी भजन, भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी पर आधारित रास से संबंधित आज वृंदावन में रास रचो है प्रस्तुति, चंदा नाचे सूरज नाचे नाचे तारागणमन मेरा बन गयो सखी री पावन वृंदावन एवं भगवान श्रीगणेश की अराधना से संबंधित भजन की प्रस्तुति दी।

यह कार्यक्रम 28 अप्रैल को सुबह 06:25 से लेकर 06:55 तक दूरदर्शन बिहार पर प्रसारित हुआ।-एक नजर में मधुबाला के द्वारा प्राप्त कुछ उपलब्धियां:- वर्ष 2014, 2018 एवं 2019 के अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में क्लासिकल म्यूजिक, लोक संगीत, लाइट म्यूजिक एवं कत्थक में बेहतर प्रदर्शन कर जीती प्रतियोगिता:- वर्ष 2014 एवं 2023 में जमुई में आयोजित युवा उत्सव में डिस्ट्रिक्ट विनर व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बनाई जगह:- 2023 में बेस्ट क्लासिकल डांसर और मिस क्लासिकल अवार्ड:-भाव संगीत व वोकल संगीत के क्षेत्र में स्नातक डिग्री (प्रभाकर) कर चुकी है प्राप्त-लोकगायकी में बिहार की विरासत को आगे बढ़ाने का सपनाबिहार महाजनपद काल से ही अपने स्थापत्य कला एवं सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण रहा है।

कलांतर में इसमें नए आयाम जुड़ते चले गए। अब तक अलग-अलग समय में विभिन्न महान विभूतियों ने बिहार की लोकगायकी एवं कला संस्कृति के विरासत को लगातार आगे बढ़ाया है।

अब उसी कड़ी में जो बिहार की मूल सांस्कृतिक एवं विरासत जैसे मैथिली लोकसंगीत – समा-चकेवा, विवाह गीत, मधुश्रावणी गीत, भोजपुरी लोकगीत – सोहर, कजरी, चैता, बिरहा, बिदेसिया, मगही लोकगीत – झूमर, जट-जटिन, फगुआ गीत, बज्जिका लोकगीत – ग्रामीण जीवन और परंपराओं से जुड़े गीत, भक्ति संगीत – कबीर, विद्या‍पति और लोक देवी-देवताओं से जुड़े भजन, त्योहारों के गीत – छठ गीत, होली (फगुआ) गीत के माध्यम से अपनी परंपरा एवं विरासत को मधुबाला भारती का आगे बढ़ाने का सपना है।