पीले रंग की फूलगोभी उगाकर इस किसान ने किया कमाल,मिल रही है अच्छी कीमत,हो रही लाखों की कमाई
:-मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड क्षेत्र के एक किसान पीले फूलगोभी की खेती करना प्रारंभ किया है।इस खेती से उन्हें लाखों की आमदनी हो रही है।
न्यूज़96इंडिया,बिहार
बिहार के मधेपुरा जिला के एक किसान ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर नई फसल की ओर रुख किया है।किसान के कड़ी में और लगन के कारण फसल लहलहा रही है।किसान बताते हैं कि उनकी खेती ऐसी है की महज तीन से चार महीनों में फसल तैयार हो जाती है।यह फसल लागत से कई गुना अधिक मुनाफा देती है।
दरअसल मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड क्षेत्र के किसान श्यामल मेहता ने पारंपरिक खेती को छोड़कर नई फसलों की ओर रूख किया है।बाजार की डिमांड को देखते हुए किसान खेती के तौर-तरीके और फसलों की किस्मों बदलकर खेती कर रहे हैं।
बिहारीगंज राजगंज पंचायत के बैजनाथपुर वार्ड संख्या 01 निवासी किसान श्यामल मेहता ने इस बार पीले फूलगोभी की खेती कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।सर्दियों में फूलगोभी की सब्जी हर घर में बनती है लेकिन पीली और बैंगनी रंग की गोभी अब लोगों के लिए नई और आकर्षक बन रही है।
किसान श्यामल मेहता ने बताया कि इस साल पहली बार एक एकड़ भूमि पर पीली फूलगोभी की खेती की है।इससे पहले उन्होंने हरी ब्रोकली और बैंगनी गोभी की खेती कर अच्छी आमदनी कमाई थी।इस बार भी पीली गोभी की खेती से उन्हें बेहतर मुनाफा हो रहा है।
किसान श्यामल मेहता के पुत्र डी के कुमार,जो बिहारीगंज प्रखण्ड प्रार्थमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष हैं।डी कुमार खेती में नए प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस बार रंगीन गोभी का सफल उत्पादन किया गया है।अगले वर्ष ज्यादा से ज्यादा किसान इस खेती की ओर रुख करेंगे।
श्यामल मेहता आगे बताते हैं कि पीली गोभी की फसल 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है।इसका वजन 1 से 1.5 किलोग्राम तक होता है।साल के अगस्त या सितम्बर माह में इसकी बुआई की जाती है और दिसंबर तक फसल तैयार हो जाती है।
एक एकड़ की खेती करने पर 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आता है।फसल तैयार होने के पश्चात महज तीन से चार माह में 1 लाख से 1.5 लाख रुपये की कमाई हो जाती है।
क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिक बताते हैं की रंगीन फूलगोभी पोषक तत्वों से भरपूर होती है।इसमें कैल्शियम, फाॅस्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं।यह इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है।सफेद गोभी की तुलना में इसमें पोषक तत्व अधिक होते हैं।यह बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है।
किसान श्यामल मेहता के इस प्रयोग से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।रंगीन गोभी की बढ़ती डिमांड और बेहतर मुनाफे के चलते इसकी खेती का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है।
डॉ० बिट्टू कुमार ने बताया कि हरे, पीले और बैगनी रंग की गोभी से बने सब्जियों का सेवन मानव शरीर के लिए काफी फायदेमंद है।पीला, बैंगनी गोभी का सेवन से आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए काफी लाभकारी होती है।वहीं इसका सेवन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है।साथ ही पीली गोभी खाने से दिल का दर्द कम होता है और हड्डियां मजबूत होती है।इसमें फाइबर की मात्रा अधिक रहती है,वजन कम करने एवं कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है।
किसान श्यामल मेहता ने पीले गोभी की खेती कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।किसान अब पीले गोभी के खेती की ओर रुख कर रहे हैं।वहीं किसान श्यामल मेहता ने पीले गोभी की खेती कर अच्छी कमाई की है।