आम के मंजर पर किट के प्रकोप से पैदावार घटने की हो रही आशंका
न्यूज़96इंडिया,बिहार
मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड मुख्यालय में पिछले साल की तुलना फरवरी में दो से तीन डिग्री अधिक तापमान रहने के कारण रबी के साथ आम व लीची की फसल पर असर दिख रहा है।
अभी आम व लीची में तीस से चालीस फीसदी मंजर लगे हैं। वहीं सुस्त गर्मी और पछुआ हवा की वजह से मंजर लगने के साथ ही काले पड़कर झड़ रहे हैं। साथ ही मंजर में मधुआ कीट का प्रकोप दिख रहा है। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार 30 डिग्री से ऊपर तापमान बढ़ने पर आम और लीची के मंजर झड़ने लगते हैं और कीट के प्रकोप की आशंका बढ़ जाती है।
यदि आने वाले दिनों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा तो मधुआ कीट और फफूंद का प्रकोप और बढ़ेगा। इससे पैदावार में 25 से 30 फीसदी तक कमी आ सकती है।
किसान कृत्यानंद यादव, कैलाश यादव, मुन्ना साहनी, वकील साहनी, रूपेश कुमार सहित कई किसानों ने बताया कि इस वर्ष आम में मंजर काफी कम दिख रहे है जो मंजर लगे भी हैं वह भी काले पड़कर झड़ जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया मधुआ कीट के साथ-साथ लाही का भी प्रकोप आम के पेड़ पर दिख रहा है।
इससे बचाव के लिए हमलोग दवा का छिड़काव कर रहे हैं। लेकिन मौसम के विरुद्ध दवा का असर नहीं पड़ हो पा रहा है। इस बाबत में प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अगर कीटों का प्रकोप और बढ़ा तो पैदावार में 25 से 30 प्रतिशत कमी आ सकती है।
इससे बचाव के लिए कीटनाशक रसायन के रूप में एसिफेट पाउडर दो ग्राम और साफ पाउडर डेढ़ ग्राम लेकर एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से कीट समाप्त होगा।
साथ ही टिकोला पांच ग्राम के होने पर एक मल्टीपलेक्स पांच एमएल, एसिफेट पाउडर दो ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें और गर्मी आने के बाद पेड़ में पानी समय-समय पर देते रहें जिससे टिकोला कम गिरेगा।