विक्रमशिला सेतु के टूटने से क्षेत्र की सैकड़ों गाड़ियां फंसी

मधेपुरा:भागलपुर के गंगा नदी पर के विक्रमशिला सेतु (पुल) स्ट्रक्चर टूटने से उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई है।इलाके दर्जनों ट्रक मालिकों ने बताया कि गिट्टी,बालू लदा ट्रक फंस गया है।रविवार की रात से ट्रक फंसा हुआ है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यवसाय वर्ग के लोगों की मुश्किल बढ गई है। अनुमंडल क्षेत्र के अधिकांश लोग भागलपुर से कारोबार करते थे।
कपड़ा एवं दवाई व्यवसायियों के व्यापार पर असर :-
मधेपुरा जिले एवं उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र कपड़ा एवं दवाई व्यवसायियों बताया कि वे लोग कपड़ा एवं दवा का कारोबार भागलपुर से किया करते थे।थोक एवं खुदरा सामान अच्छे दामों पर मिल जाया करता था।पुल के क्षतिग्रस्त होने से कारोबार काफ़ी असर पड़ा है।
वहीं चिकित्सकीय सुविधा को लेकर भी लोगों की चिंता बन गई है।लोग बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के सरकारी और नीजी अस्पताल पर निर्भर रहा करते थे। इलाके के गंभीर मरीज मायागंज के अस्पताल में भर्ती हुआ करते थे।इलाके के कई लोग अपने बच्चों को पढाई के लिए भागलपुर और बांका जिले के विभिन्न स्कूलों में भर्ती करा रखा है।शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंताएं हैं।
ट्रक मालिक एवं गिट्टी-बालू विक्रेताओं के परिचालन पर असर :-
भागलपुर विक्रमशिला सेतु (पुल ) के स्लेब के ढह जाने से ट्रक परिचालन एक बड़ी चुनौती बन गई है।बांका और मीरजाचौकी से गिट्टी तथा बालू का कारोबार करने वाले लोग भी परेशान हैं।कारोबार के प्रभावित होने से इसका सीधा असर आमजनों पर पड़ने का संकट गहरा गया है।
जाहिर है कि कारोबार के लिए अब समान की ढुलाई लंबी दूरी तय कर करना पड़ेगा।इससे मंहगाई का बोझ आमजनों पर ही पड़ने का अंदेशा है।
उदाकिशुनगंज के ट्रक मालिक अमित कुमार, सुमित कुमार, संतोष यादव, शत्रुहन कुमार, अरूण कुमार आदि ने बताया कि उन लोगों का ट्रक रविवार की रात से ही भागलपुर के क्षेत्र में फंसा हुआ है। ट्रक पर गिट्टी – बालू लदा होना बताया जा रहा है।ट्रक मालिकों का कहना है कि उनका एक दिन का धंधा बंद होने से भाड़ी नुकसान हो जाता है।

#विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के लोगों का अंग से सीधा संबंध विच्छेद हो गया है।लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।
अब भागलपुर से #मुंगेर -#खगड़िया के रास्ते उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में गाड़ियों के आने में लंबी दूरी तय करना पड़ेगा।गाड़ियों के परिचालन में अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ गया है।जिससे परेशानी बढ गई है।