भागलपुर:मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत 57 लाभुकों को मिला प्रमाण पत्र

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

12 मई भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा समीक्षा भवन परिसर,भागलपुर में मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चयनित 57 लाभुकों के बीच प्रमाण पत्र, विभिन्न उपकरणों एवं वाहनों की चाबी का वितरण किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्यजीवी, मत्स्य कृषक, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित

12 मई भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा समीक्षा भवन परिसर,भागलपुर में मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चयनित 57 लाभुकों के बीच प्रमाण पत्र, विभिन्न उपकरणों एवं वाहनों की चाबी का वितरण किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्यजीवी, मत्स्य कृषक, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लाभुकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का उद्देश्य मछुआ समुदाय एवं अनुसूचित जनजाति के मत्स्य कृषकों को आत्मनिर्भर बनाना, आधुनिक संसाधनों से जोड़ना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं विपणन व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के माध्यम से मछुआरों को निःशुल्क एवं अनुदानित दर पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे बेहतर तरीके से मत्स्य शिकार एवं व्यवसाय कर सकें। इसके साथ ही धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अनुसूचित जनजाति के मत्स्य कृषकों को भी विशेष सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे मत्स्य व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना अंतर्गत मत्स्य शिकारमाही एवं विपणन किट वितरण योजना के तहत लाभुकों को किट उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त 16 लाभुकों को थ्री व्हीलर सह-आईस बॉक्स उपलब्ध कराया गया, जिससे मछली को स्वच्छ एवं हाईजेनिक अवस्था में बाजार तक पहुँचाया जा सके।नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के अंतर्गत 05 लाभुकों को फिशिंग उडेन बोट पैकेज, 20 लाभुकों को फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज तथा 05 लाभुकों को कास्ट जाल पैकेज प्रदान किया गया।

इन योजनाओं पर लाखों रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया है, जिससे मछुआरों को आधुनिक संसाधन प्राप्त हो सके और उनकी कार्य क्षमता में वृद्धि हो। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को 15 मोटरसाइकिल सह-आईस बॉक्स, 10 साइकिल सह-आईस बॉक्स, 06 थ्री व्हीलर सह-आईस बॉक्स एवं 02 मोबाइल फिश किऑस्क उपलब्ध कराए गए। इन सुविधाओं के माध्यम से मत्स्य उत्पादों के सुरक्षित परिवहन एवं विपणन में सहायता मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के मत्स्य कृषकों को बाजार से बेहतर जुड़ाव प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि विभाग द्वारा प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर लाभुकों का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया है। वर्तमान में विभाग से प्राप्त 65 प्रतिशत आवंटन के अनुरूप शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई है। शेष 35 प्रतिशत आवंटन प्राप्त होते ही शेष लाभुकों को भी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के मछुआरों एवं मत्स्य विक्रेताओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। आईस बॉक्स सहित वाहन उपलब्ध होने से मछलियों को ताजा एवं स्वच्छ अवस्था में उपभोक्ताओं तक पहुँचाना आसान होगा। इससे न केवल मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अनुसूचित जनजाति के मत्स्य कृषकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन की मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है तथा उत्पादकों की बाजार तक पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा यह जानकारी भी दी गई कि वर्ष 2026-27 में जिले को आधुनिक मत्स्य बिक्री केंद्र (Fresh Catch Kiosk) निर्माण हेतु 05 केंद्रों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। नगर निगम द्वारा इसके लिए स्थल चिन्हित कर लिया गया है तथा शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।इसके अतिरिक्त जिले को इंटीग्रेटेड तिलापिया प्रोसेसिंग प्लांट की स्वीकृति प्राप्त होने की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी द्वारा जगतपुर ढाब क्षेत्र में भूमि पैमाइश कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया है, ताकि शीघ्र परियोजना कार्य प्रारंभ कराया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी द्वारा सभी चयनित लाभुकों को शुभकामनाएं देते हुए योजनाओं का समुचित उपयोग करने एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

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