कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित,सार्वजनिक सड़को पर भारी वाहनो के संबंध में निर्देश

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

सिंघरोली:13 मई जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क दुर्घअनाओं में कमी लाने हेतु कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री शियाज के.एम. की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय

सिंघरोली:13 मई जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क दुर्घअनाओं में कमी लाने हेतु कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री शियाज के.एम. की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि जिले में स्थापित औद्योगिक कंपनियों सहित परिवहन कार्य में संलग्न ट्रांसपोर्टरों की भी है।

बैठक के दौरान कहा कि कोल परिवहन करने वाले वाहन अधिकांशतः सड़क के दोनों किनारों पर खड़े रहते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना हर समय बनी रहती है। इस पर कलेक्टर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि भारी वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर पार्क न किया जाए, बल्कि कंपनियों द्वारा निजी स्थलों का चयन कर भारी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाए।

बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि ऐसे मार्ग, जिन पर अतिक्रमण किया गया है, संबंधित क्षेत्रों का राजस्व एवं पुलिस अमला आपसी समन्वय बनाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करे तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

वही माइनिंग अधिकारी को भी निर्देश दिए गए कि निरीक्षण कर यह देखा जाए कि किन औद्योगिक कंपनियों से संबंधित भारी वाहन सार्वजनिक सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं। उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान पुलिस विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सिंगरौली जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 11 प्रतिशत की कमी आई है। जो रीवा जोन में सड़क दुर्घटनाओ में कमी लाने वाले जिलों में सिंगरौली जिला पहले पायदान पर है।

वही सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 9.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या में 16.2 प्रतिशत की कमी हुई है।1 नवम्बर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वाहनों के आधार पर घटित सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की जांच करने पर पाया गया कि इस अवधि में 149 मृतकों में से 19 मृतकों की मृत्यु भारी वाहनों से हुई है, जो कुल मृतकों का सिर्फ 12 प्रतिशत है। वहीं दो पहिया वाहन से दो पहिया वाहन दुर्घटना, कार से दो पहिया वाहन दुर्घटना तथा मोटरसाइकिल से पैदल व्यक्ति की दुर्घटना जैसे मामलों में सर्वाधिक मौतें हुई हैं। अतः दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु यातायात नियमों का पालन करते हुए दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट का उपयोग करना आवश्यक है।

जिसके संबंध में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाकर ही वाहन चलायें जिसके लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाया जायें। साथ ही नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायें।कलेक्टर ने कम्पनियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओ के कारणो की आडिट करे तथा एक्सन प्लान तैयार करें। ताकि इन दुर्घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। पिछली हुई सड़क दुर्घटनओ के जांच के दौरान पाया गया है कि दुर्घटना का प्रमुख कारण पार्किग की उचित व्यवस्था न होना एवं चालक द्वारा लापरवाही बरतना है।

इस संबंध में कलेक्टर ने ट्रन्सपोर्टरो को निर्देश दिए कि वाहन चालको का नियमित रूप से जांच कर सर्टिफिकेशन जारी किया जायें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर रोड इंजीनियरिंग के आधार पर दुर्घटनाओं को रोकने हेतु व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। तथा औद्योगिक कम्पनियों के भी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि कोयला परिवहन अनिवार्य रूप से कन्वे सिस्टम के माध्यम से ही किया जाए, जो डिस्पैच पॉइंट से शुरू होकर अंतिम गंतव्य तक संचालित होगा।

उन्होंने आईईसी गतिविधियों के माध्यम से ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, हेलमेट उपयोग हेतु विशेष अभियान चलाने तथा ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि कन्वे मूवमेंट की नियमित जानकारी पुलिस मुख्यालय को दी जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वाहन कन्वे को अनावश्यक रूप से ओवरटेक न करे। इन वाहनों में जीपीएस एवं स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालय, जो सड़क किनारे संचालित हो रहे हैं, उनके पास बैरिकेडिंग कराई जाए। साथ ही पुलिस एवं औद्योगिक कंपनियों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें सड़क सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में तत्काल एम्बुलेंस एवं कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सके।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि समय-समय पर कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों में स्पीड गवर्नर, रिफ्लेक्टिव प्लेट एवं सभी आवश्यक दस्तावेज सही एवं अद्यतन हों।

बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंह, सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा, एसडीएम सिंगरौली सुरेश जाधव, एसडीएम माडा नंदन तिवारी, एसडीएम चितरंगी देवेंद्र द्विवेदी, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान, जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग तेजस्विनी शुक्ला, खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल सहित जिले में कार्यरत औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि एवं ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे।

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