जिला प्रशासन, सुपौल वर्तमान में मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण LPG गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में कमी होने की आशंका के मद्देनजर पूरी तरह सतर्क है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सुपौल के द्वारा रसोई गैस की जिला में उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि सुपौल जिले के कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 15358 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और 5459 LPG सिलेंडरों के आज प्राप्त होने की संभावना है।
12 मई को लगभग 6177 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है।अभी तक 22145 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले में प्रतिदिन औसतन 5474 ग्राहंकों के मध्य घरेलु LPG सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 49 गैस एजेंसियों पर अभी LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 02 देवन एच.पी. गैस ग्रामीण वितरक एवं संजय इण्डेन ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है।अभी तक कुल 51 LPG एजेन्सी में से 15 की जाँच की गई है। 17 अन्य होटलों/प्रतिष्ठानों पर LPG गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है।
जिले में LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। गैस कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।जिला प्रशासन LPG गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है।
उपभोक्तागण अपनी समस्या के समाधान हेतु गैस कंपनी के Common Emergency Helpline Toll Free Number (24X7)-1906, IOCL के Toll Free Number-1800-2333-555, BPCL के Toll Free Number-1800-22 4344 एवं HPCL के Toll Free Number-1800-2333-555 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 3 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलू LPG गैस सिलेंडरों के उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। आज दिनांक 13.05.2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में 02 शिकायतें / जानकारी प्राप्त हुई है, जिसका निष्पादन करा दिया गया है।अभी तक घरेलू गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।






अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहले आप लिखें!