कटनी – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी द्वारा जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर नवीन नलकूप (बोर) खनन पर लगाये गये प्रतिबंध का उल्लंघन कर नियम विरूद्ध नलकूप खनन के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी ने ग्राम सैदा में अवैध उत्खनन कराने वाले व्यक्तियों, संबंधित भू-स्वामियों तथा खनन में प्रयुक्त वाहन के खिलाफ रीठी थाना प्रभारी को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई तहसीलदार रीठी एवं पटवारी हल्का नंबर 32 की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से अवैध उत्खनन की पुष्टि हुई है।
जिला ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित:-
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार के नए निजी नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
अवैध उत्खनन के दो मामलों में होगी एफआईआर:- जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम सैदा के खसरा नंबर 391/3 (रकबा 0.44 हेक्टेयर) पर 5 मई की रात खुशीराम पिता हिसाबी द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवैध बोर कराया गया। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में खुशीराम, राजाबाई, किशनबाई एवं बूंदाबाई के नाम दर्ज है। इसी प्रकार, खसरा नंबर 860 पर 4 मई की रात दशरथ पिता कपूर लोधी द्वारा अवैध उत्खनन कराया गया, जो वर्तमान में सुरेश पिता किसुवा के नाम दर्ज भूमि है।इन दोनों मामलों में अवैध खनन के लिए प्रयुक्त वाहन क्रमांक केए-51-एमई-9685 के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अनुमति दस्तावेज नहीं मिले:-
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों के पास नलकूप खनन से जुड़ी कोई वैध अनुमति या दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। नियमों के अनुसार, प्रतिबंध अवधि में नलकूप खनन के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। एसडीएम कटनी श्री चतुर्वेदी ने थाना प्रभारी रीठी को निर्देश दिए हैं कि तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर इसकी सूचना कार्यालय को भेजी जाए।







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