बिहार के किसानों के लिए शुरू होगा फार्मर रजिस्ट्री अभियान-विजय सिन्हा

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

एक डिजिटल पहचान से मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभयह अभियान 12 मई से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा। कृषि मंत्री बिहार सरकार के कृषि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साझा प्रयासों से राज्य में किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान शुरू होगा।राज्य

एक डिजिटल पहचान से मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभयह अभियान 12 मई से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा।

कृषि मंत्री बिहार सरकार के कृषि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साझा प्रयासों से राज्य में किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान शुरू होगा।राज्य के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पहल की घोषणा करते हुए बताया कि यह अभियान 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष रूप से चलाया जाएगा।इस अभियान की शुरूआत मीठापुर के कृषि भवन के सभागार से पटना जिला के फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के किसानों का फार्मर आई॰डी॰ बनाने के साथ होगी।

कृषि मंत्री, बिहार विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग के सहयोग से जनवरी माह में 06 जनवरी से 11 जनवरी के बीच प्रथम मिशन मोड में 10 लाख 14 हजार 981 किसानों का फार्मर आई॰डी॰ बनाया गया, दूसरे चरण में 17 जनवरी से 21 जनवरी के बीच 7 लाख 15 हजार 96 फार्मर आई॰डी॰ तैयार किया गया।

फरवरी माह में 02 फरवरी से 11 फरवरी के बीच तीसरे मिशन मोड में 10 लाख 37 हजार 283 फार्मर आई॰डी॰ तैयार किया गया। इस प्रकार कुल 27 लाख 67 हजार 360 किसानों का फार्मर आई॰डी॰ तैयार किया गया। राज्य के 47 लाख 85 हजार 878 किसानों का फार्मर आई॰डी॰ अभी तक तैयार किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों को तकनीक से जोड़ने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा, फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से हम प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान कर रहे हैं।इससे न केवल पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होगा, बल्कि फसल बीमा, केसीसी और सहायता अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल हो जाएगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि पंजीकरण के लिए किसानों को मात्र अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से दर्ज जमाबंदी की जानकारी देनी होगी। किसान स्वयं बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन करके अपना पंजीकरण कर सकते हैं।इसके अलावा, नजदीकी सी॰एस॰सी॰ (सामान्य सेवा केंद्र) या पंचायत के कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार से संपर्क कर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

एक बार डिजिटल पहचान बन जाने के बाद, किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और सरकारी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में बिना किसी देरी के पहुंच सकेगी।

मंत्री ने राज्य के सभी किसानों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान के दौरान अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निरंतर लाभ लेने के लिए भी यह डिजिटल पहचान अनिवार्य है। किसी भी सहायता के लिए किसान कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18001801551 या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस बैठक में प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक, बिहार सौरभ सुमन यादव सहित कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

Tags:

💬 Comments

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहले आप लिखें!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.