सिवनी:प्रभारी कलेक्टर अनिल कुमार राठौर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में जारी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना अभियान की समीक्षा से हुई। इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी सुश्री सुनीता खंडायत, अपर कलेक्टर श्री सी एल चनाप सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम जनगणना कार्यो की समीक्षा करते हुए प्रभारी कलेक्टर श्री राठौर ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का कार्य नहीं बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मकान, परिवार एवं नागरिक की जानकारी पूरी सावधानी और शुद्धता के साथ पोर्टल पर दर्ज की जाए ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने नक्शा अनुरूप मकान सूचीकरण, परिवार विवरण, भवनों के सत्यापन तथा फील्ड सर्वे की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रगणक एवं सुपरवाइजर घर-घर पहुंचकर जानकारी संकलित कर रहे हैं, इसलिए संबंधित एसडीएम, तहसीलदार एवं नगरीय निकाय अधिकारी नियमित रूप से फील्ड मॉनिटरिंग करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मकान या परिवार सूचीकरण से छूटे नहीं। उन्होंने जनगणना कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के साथ-साथ डेटा की शुद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में इसके बाद राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की गहन समीक्षा की गई।
प्रभारी कलेक्टर श्री राठौर ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, अविवादित प्रकरणों के निराकरण, भू-अभिलेख सुधार तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों से जुड़ा विभाग है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। विशेष रूप से नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे प्रकरणों में अनावश्यक विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। प्रभारी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा केवल औपचारिक जवाब देकर प्रकरण बंद न किए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में भू-राजस्व वसूली, गिरदावरी, ई-केवाईसी, भू-अभिलेखों के अद्यतन, डिजिटल रिकॉर्ड संधारण तथा फील्ड निरीक्षण की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी कलेक्टर श्री राठौर ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समय-सीमा आधारित कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश देते हुए शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।







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