कटनी: भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार, कटनी जिले में जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए ‘धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान’ चलाया जा रहा है।
इसके तहत कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर कटनी जिले में 18 मई से 25 मई तक जनजातीय समुदाय हेतु लाभार्थी संतृप्ति शिविर “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित 210 ग्रामों में स्थित आदि सेवा केन्द्र में शिविर आयोजित कर जनजातीय क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को शिविरों में विभिन्न विभागों के समन्वय से आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जनधन खाता, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान, पीएम राष्ट्रीय डायलेसिस प्रोग्राम, सिकल सेल मिशन और क्षय रोग उन्मूलन जाँच, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, राशन कार्ड, पीएम उज्ज्वला योजना, पीएम विश्वकर्मा, सुकन्या समृद्धि योजना और वन अधिकार पट्टा का लाभ प्रदान किया जाएगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त:-
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला स्तर पर जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जबकि अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक विमल चौरसिया सहायक नोडल होंगे। वहीं जनपद स्तर पर संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभियान के नोडल अधिकारी होंगे।
साप्ताहिक कार्यक्रम की रूपरेखा:-
अभियान को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए सात दिवसीय कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सोमवार 18 मई को जनभागीदारी सप्ताह का शुभारंभ किया जाएगा। कलेक्ट्रेट में जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम और अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। 19 से 25 मई तक जिला, विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर संतृप्ति एवं वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन स्वास्थ्य जाँच और संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इसी प्रकार 20 मई को ‘ग्राम ईमर्शन ड्राइव’ के तहत अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन गांवों में पैदल भ्रमण (ट्रांसेक्ट वॉक) कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। जबकि 21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों पर शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ‘जनसुनवाई’ का आयोजन किया जाएगा।
24 मई को प्रगति रिपोर्ट और प्रमाण पत्र तैयार करने हेतु दस्तावेजीकरण किया जाएगा और 25 मई को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
कलेक्टर तिवारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं या अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शिविरों में उपस्थित रहकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।






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