मंत्रालय में विभिन्न विभागों के चुनिंदा कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गर्मी के मौसम में सभी के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसकी ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर समीक्षा करें। जल संरक्षण के कार्यों के लिए आमजनों को प्रोत्साहित करते हुए ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’ अभियान चलाया जाएगा। खंडवा-बुरहानपुर की मंडियों में कपास उत्पादन में मंडी शुल्क 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए।
कृषि को लेकर नवाचार और नई योजनाओं की समीक्षा की। बायोमेट्रिक अटेंडेंस एक नवाचारी पहल है और इसका फीडबैक अच्छा है। अब इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू करने के लिए कहा। बैठक में यह भी निर्देश दिया कि विभिन्न समाजों द्वारा जो धर्मशालाएं बनाई जा रही हैं, उसमें राज्य सरकार सहयोग करे, जिससे पर्यटन के लिए आने वाले गरीब वर्ग के लोगों को सुविधा होगी।
नर्मदा समग्र अभियान में स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बसाहट भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री के कार्य को अभियान के रूप में चलाया जाए।श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम में जारी विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के दिशा-निर्देश दिए।
महाकाल महालोक के प्रबंधन के लिए मंदिर समिति द्वारा होमगार्ड की व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की। प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों पर भी होमगार्ड के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे होमगार्ड बल का क्षमता संवर्धन होगा।प्रदेश सरकार नि:संतान दंपतियों के लिए आईवीएफ सेंटर संचालित करेगी।
इसके लिए कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। सामाजिक समरसता के लिए सभी वर्गों के बच्चों के लिए कॉमन हॉस्टल बनाए जाएंगे। बैठक में एआई, डेटा सेंटर तथा डीपटेक पार्क की दिशा में भी जानकारी प्राप्त की।







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