प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन पर अवैध बोर उत्खननकर्ता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज
कटनी – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी द्वारा जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर नवीन नलकूप (बोर) खनन पर लगाये गये प्रतिबंध का उल्लंघन कर नियम विरूद्ध नलकूप खनन के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम दियागढ़ में बिना अनुमति के शासकीय भूमि में अवैध रूप से नलकूप (बोरिंग) खनन करने के मामले में ढीमरखेड़ा पुलिस थाना में राकेश गौड़ के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
रात के अंधेरे में कराया गया अवैध खनन:-
ढ़ीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ हल्का नं. 31 झिन्ना पिपरिया के पटवारी अमित कुमार पटैल को सूचना मिली थी कि गांव में अवैध बोरिंग कराई गई है। इसके बाद जब पटवारी श्री पटेल ने खसरा नंबर 98, रकवा 1.78 हेक्टेयर स्थित शासकीय भूमि का मौका मुआयना किया, तो वहां नलकूप खनन की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी राकेश गौड़ ने 15 मई की रात करीब 1 बजे गुपचुप तरीके से बिना अनुमति प्राप्त किये अवैध बोरिंग करा लिया है। पटवारी ने मौके पर गवाहों के समक्ष पंचनामा तैयार कर इसकी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी।
पहले से जिला ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित:-
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना सक्षम अधिकारी के पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार के नए निजी नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला:-
तहसीलदार ढीमरखेड़ा के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी राकेश गौड़ के खिलाफ मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित अधिनियम 2022) की धारा 9 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223(a) के तहत शासकीय आदेश के उल्लंघन का अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की आगे की जांच सब-इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी को सौंपी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






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