मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ट्यूबवेल, तालाब, आहर, पईन एवं पोखर के रख-रखाव तथा सिंचाई व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी लघु जल संसाधन विभाग को सौंपने का निर्देश दिया तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं पंचायती राज विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय बढ़ाने के लिए हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिया कि मॉनसून की अनिश्चितता को देखते हुए राजकीय नलकूप पूरी तरह क्रियाशील रहें, ताकि किसानों को पटवन में किसी प्रकार की समस्या न हो।माननीय मुख्यमंत्री जी ने वार्ड स्तर पर मैनेजमेंट कमिटी गठित कर ट्यूबवेलों के संचालन एवं रख-रखाव को मजबूत बनाने पर बल दिया।
साथ ही तालाब, आहर, पईन एवं पोखरों के बेहतर रख-रखाव का भी निर्देश दिया।उन्होंने पंचायती राज विभाग को अपना इंजीनियरिंग सेल विकसित करने तथा पंचायत स्तर पर तकनीकी एवं निर्माण कार्यों को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।







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