शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं एएनसी रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें-कलेक्टर श्रीमती दाहिमा,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ओछापुरा को हैंडओवर लेने के निर्देश,स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

By Gaurav Kabir

Published on: 2 घंटे पहले

श्योपुर- कलेक्टर शीला दाहिमा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिये कि अनमोल पोर्टल पर सभी गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जायें।वर्ष 2026-27 के लिए आंकलित लक्ष्य

श्योपुर- कलेक्टर शीला दाहिमा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिये कि अनमोल पोर्टल पर सभी गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जायें।वर्ष 2026-27 के लिए आंकलित लक्ष्य 20 हजार 206 गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन किया जाना है। उक्त लक्ष्य अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायें।

इसके साथ ही उन्होंने 295.45 लाख की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ओछापुरा को हैंडओवर लेने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।बैठक में सीएमएचओ डॉ दिलीप सिकरवार, सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल, महिला बाल विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार अम्ब, डीपीएम हेमंत रावत सहित बीएमओ, सीडीपीओ तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी चिकित्सक उपस्थित थे।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन कराये जायें, आशा कार्यकर्ताओ के माध्यम से महिलाओं को चिन्हित किया जायें तथा प्रत्येक ग्राम में पहली तिमाही के तहत ही गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जायें। एएनसी के तहत पंजीकृत गर्भवती महिलाओं के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जायें और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें उचित उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जायें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रतिमाह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले शिविर नियमित रूप से लगाये जाये, जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी है, उन्हें एफसीएम इजेक्शन के डोज लगाये जायें, इस इजेक्शन से हीमोग्लोबिन 21 दिन की अवधि में तीन तक बढ जाता है।

क्रिटीकल केयर हेल्थ ब्लॉक का कार्य तीन माह में पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि के लिए जारी अधोसंरचनात्मक कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके निर्माण कार्यो पूर्ण होने से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं ओर सुविधाएं और अधिक विस्तारित होगी। उन्होने निर्देश दिये कि श्योपुर जिला चिकित्सालय में क्रिटीकल केयर हेल्थ ब्लॉक तथा 100 बिस्तरीय वार्ड का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है।

इस कार्य को आगामी तीन माह में पूर्ण कर लिया जायें। इसके साथ ही बैठक में 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल विजयपुर तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र ननावद, तलावदा, ढेगदा, मयापुर, तेलीपुरा, नागरगावडा, खिरखिरी, माखनाखेडली के निर्माण कार्यो की समीक्षा करते हुए शीघ्रता से पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये। बैठक में बताया गया कि जिला अस्पताल में 55.72 लाख की लागत से निर्माणाधीन ब्लड बैंक की स्थापना का कार्य 40 प्रतिशत पूर्ण हो गया है।

मंगलवार एवं शुक्रवार को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संयुक्त रूप से आंगनबाडी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं का निरीक्षण किया जायें तथा भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर फीडबैक लिया जायें।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग का मॉनीटरिंग मैदानी अमला संयुक्त रूप से भ्रमण करने के बाद प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करेंगे। निक्षय पोषण बॉस्केट का वितरण कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा बैठक के दौरान क्षय रोगी श्रीमती रितु वर्मा निवासी श्योपुर के लिए उनके पति श्री सुग्रीव वर्मा को फूड बॉस्केट प्रदाय की गई।

इस अवसर पर राष्ट्रीय क्षय नियत्रंण कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि 1 जनवरी 2025 से 25 अप्रैल 2026 तक 6 हजार 367 फूड बॉस्केट का वितरण क्षय रोगियों को किया गया है। हीट स्ट्रोक के लिए कक्ष निर्धारित कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल को निर्देश दिये कि जिला अस्पताल में बनाये गये हीट स्ट्रोक कक्ष में सभी प्रकार की आपात सेवाओं को चॉक-चौबंद रखा जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए हीट स्ट्रोक कक्ष निर्धारित किया गया है। जहां लू, ताप घात से प्रभावित रोगियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

टीएचआर वितरण समय सीमा में करने के निर्देश कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने बैठक के दौरान महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आंगनबाडी केन्द्रों पर टेक होम राशन का वितरण समय सीमा में सुनिश्चित किया जायें तथा गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से टीएचआर वितरण की समीक्षा सुनिश्चित की जायें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पोषण ट्रेकर एप की नियमित रूप से समीक्षा की जायें तथा बच्चों के वजन एवं लम्बाई लेने की प्रक्रिया सतत् रूप से जारी रहें। इसके साथ ही उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना में प्रगति बढाये जाने के निर्देश भी दिए।

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