सुपौल, 06 जून 2026: आगामी मानसून, बाढ़ और सुखाड़ की संभावनाओं को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार को जिलाधिकारी श्री सावन कुमार (भा0प्र0से0) की अध्यक्षता में लहटन चौधरी सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।
बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केन्द्र, कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED), पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियों का विस्तृत प्रजेंटेशन दिया।
कटाव निरोधी (Anti-Erosion) कार्यों की समीक्षा: 40 में से 39 कार्य पूरे
जल संसाधन विभाग द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 06 प्रमंडलों में कुल 40 कटाव निरोधी कार्य संचालित हैं, जिनमें से 39 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं।
- जिलाधिकारी ने शेष बचे एक कार्य को भी युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
- उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) को सभी संवेदनशील स्थलों का नियमित और बारीकी से निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
- संवेदनशील जगहों पर कनीय अभियंताओं (श्रम) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बाढ़ शरणस्थलों पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
DM सावन कुमार ने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए नावों के निबंधन (Registration) और एकरारनामा की प्रक्रिया को तुरंत अंतिम रूप दिया जाए। इसके अलावा सभी चिन्हित बाढ़ शरणस्थलों पर निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से बहाल करने को कहा गया है:
- आवास और भोजन: शरणार्थियों के लिए सुरक्षित ठहरने और खाने की समुचित व्यवस्था।
- पेयजल और बिजली: शुद्ध पेयजल के लिए चापाकलों की मरम्मत और बिजली की निर्बाध आपूर्ति।
- आवागमन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से शरणस्थलों तक सुरक्षित आवाजाही के मार्ग दुरुस्त करना।
- सुश्री सारा अशरफ (उप विकास आयुक्त, सुपौल)
- मो. तारिक (अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल)
- श्री सच्चिदानंद सुमन (अपर समाहर्ता, सुपौल)
- श्री मनोहर साहू (अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल)
- श्री मुकेश कुमार यादव (प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन)
- श्री चंद्रभूषण कुमार (सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी)
इसके साथ ही जल संसाधन, स्वास्थ्य, पीएचईडी और आपदा प्रबंधन विभाग के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी भी इस बैठक में व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।







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