सुपौल:किशनपुर प्रखंड के महादेव उच्च विद्यालय नौआबाखर में 15 दिन पहले आई आंधी-तूफान ने शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया।फूस का बना विद्यालय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर लुढ़क गया।हालात ये है कि अब बगल के घर के दरवाजे पर बच्चों की पढ़ाई करानी पड़ रही है।विभागीय लापरवाही से अब तक मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैँ।स्थानीय लोगों ने बताया कि सभी शिक्षक रोजाना समय पर विद्यालय पहुंचते हैं, लेकिन भवन नहीं होने से बगल के दरवाजे तक ही सीमित रह जाते हैं। खुले में बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। डर से नहीं आना चाहते बच्चे विद्यालय भवन गिरने और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बच्चे स्कूल आने से कतराने लगे हैं।
अभिभावक भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।फिर भी शिक्षकों के लगातार दबाव और समझाने पर बच्चे किसी तरह विद्यालय पहुंचकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विभागीय उदासीनता से नाराजगी ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 15 दिन बाद भी शिक्षा विभाग ने सुध नहीं ली। न तो अस्थायी टेंट की व्यवस्था हुई और न ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई।लोगों ने जल्द भवन निर्माण और बच्चों के लिए सुरक्षित पढ़ाई की व्यवस्था की मांग की है,ताकि पढ़ाई बाधित न हो।







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