मुजफ्फरपुर | 13 मई बंदरा प्रखंड के मतलूपुर पंचायत के गौरव और प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. गोपाल त्रिवेदी पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार को मतलूपुर स्थित बाबा खगेश्वरनाथ पोखर के तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।अंतिम विदाई के मुख्य बिंदु:गार्ड ऑफ ऑनर: बिहार पुलिस के जवानों द्वारा दिवंगत आत्मा के सम्मान में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।मुखाग्नि: उनके पुत्र श्री रमन त्रिवेदी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बंदरा) अमना वशी, अंचलाधिकारी श्री अंकुर राय और हत्था थाना प्रभारी कंचन कुमारी ने उपस्थित रहकर शासन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. त्रिवेदी का जीवन उपलब्धियों और समाज सेवा से भरा रहा है। राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय (पूसा, समस्तीपुर) के कुलपति के रूप में शिक्षा और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया।पद्मश्री से सम्मानित: उनकी विद्वत्ता और उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्मश्री” से नवाजा था।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा:”डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, ज्ञान और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।







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