यूपी की तर्ज पर बिहार में भी शुरू हुई नाम बदलने की राजनीति, इंटक जिलाध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

By Gaurav Kabir

Published on: 13 घंटे पहले

मधेपुरा न्यूज़: उदाकिशुनगंज के SBJS और रासबिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदलने पर इंटक जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बिहार सरकार पर साधा निशाना। कहा- यूपी की बीमारी बिहार पहुंची, सरकार दिवालिया हो चुकी है।

मधेपुरा/उदाकिशुनगंज:

उत्तर प्रदेश की तरह अब बिहार में भी सरकारी संस्थानों के नाम बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के मधेपुरा जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यूपी की तर्ज पर सरकारी संस्थानों के नाम बदलने की ‘बीमारी’ अब बिहार भी पहुंच चुकी है।

सुविधाओं में नहीं, सिर्फ नाम में हो रहा बदलाव

​इंटक जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य में शिक्षा और व्यवस्था में कोई संख्यात्मक या गुणात्मक परिवर्तन नहीं हो रहा है, लेकिन नाम बदलने की परंपरा जोर पकड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की नाकामी और ध्यान भटकाने वाली राजनीति करार दिया है।

प्रमुख बिंदु:

  • दानदाताओं का अपमान: संजय सिंह ने कहा कि उदाकिशुनगंज स्थित श्रीनाथ भुवानिया जानकी शाह (SBJS) +2 उच्च विद्यालय का नाम बदलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन महापुरुषों ने अपनी अरबों-खरबों की संपत्ति शिक्षा के लिए दान कर दी, उनके नाम को हटाना घटिया मानसिकता को दर्शाता है।
  • स्वतंत्रता सेनानियों की अनदेखी: उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर स्थापित रासबिहारी उच्च विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों के नाम बदलने की प्रक्रिया पर भी गहरी आपत्ति जताई है।
  • दिवालिया हो चुकी है सरकार: इंटक नेता ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा, “सरकार को यह बताना चाहिए कि सिर्फ नाम बदलने से क्या व्यवस्था बदल जाएगी? असलियत यह है कि सरकार दिवालिया हो चुकी है और उसके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं बचा है।”

‘सड़क से सदन तक होगा विरोध’

​संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी मुद्दों से भाग रही है और नाम बदलकर केवल जनता को गुमराह करने व बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इंटक और आम जनता इस फैसले को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ ‘सड़क से लेकर सदन तक’ पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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