सरकारी भूमि पर कब्जे से विकास योजना प्रभावित, प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के बीड़ी रणपाल पंचायत में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रशासनिक उदासीनता के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी विवाह भवन निर्माण योजना अधर में लटका हुआ है।अंचल प्रशासन द्वारा संबंधित अतिक्रमणकारी को तीन बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक भूमि खाली नहीं कराई जा सकी है। जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार संबंधित सरकारी भूमि पर राज्य सरकार की योजना के तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए विवाह भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस भवन के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को शादी विवाह सहित विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होती। लेकिन भूमि पर अतिक्रमण के कारण यह योजना लंबे समय से ठप पड़ी हुई है।
अंचल कार्यालय की ओर से बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत अतिक्रमणकारी को तीन बार नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि के भीतर भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इससे प्रशासन की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाह भवन बनने से ग्रामीण इलाकों के लोगों को सहुलियत होती। आम लोगों को निजी भवनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और कम खर्च में सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा मिलेगी। लोगों का कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा विवाह भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। मालूम हो कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अक्टूबर 2025 को पटना से रिमोट के द्वारा इलाक़े में विवाह मंडप निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। प्रस्तावित जगहों पर कतिपय लोगों ने जलावन व अन्य समान रख दिया है। लोगों द्वारा जगह को अतिक्रमित कर दिए जाने से परेशानी हैं। अंचल पदाधिकारी स्वाती झा ने शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कही है। इस मामले में अतिक्रमण वाद चल रहा है। जो लोग खुद से अतिक्रमण खाली नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब प्रशासन बल प्रयोग कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे।






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