किशनगंज/बिहार (रिपोर्ट):
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी और सीधे परिणामों पर आधारित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब एक सख्त कार्ययोजना लागू कर दी है। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का काम केवल फाइलों में प्रगति रिपोर्ट सौंपने से नहीं चलेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।
इसी अहम उद्देश्य के साथ शनिवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी (DM) नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च-स्तरीय और व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के मुख्य एजेंडे और समीक्षा बिंदु
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं की बारीकी से जांच की गई। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस रहा:
- गंभीर बीमारियों का नियंत्रण: टीबी (TB) उन्मूलन और गैर-संचारी रोग (NCD) नियंत्रण।
- मातृ-शिशु स्वास्थ्य: सुरक्षित मातृत्व और नियमित टीकाकरण अभियान।
- विशेष वैक्सीनेशन: बालिकाओं के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन।
- जन-कल्याणकारी योजनाएं: आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) और परिवार नियोजन कार्यक्रम।
- अस्पताल प्रबंधन: सरकारी अस्पतालों की दैनिक कार्यप्रणाली और बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन (Biomedical Waste Management)।
डीएम का कड़ा संदेश: “लक्ष्य आधारित हो कार्यप्रणाली”
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम नवीन कुमार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि, “स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कार्यक्रम की सफलता का पैमाना केवल कागजी आंकड़े नहीं हो सकते। असली सफलता तब है जब आम नागरिक को अस्पताल में वास्तविक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।”
उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मचारियों को लक्ष्य आधारित (Target-based) कार्यप्रणाली अपनाने का सख्त निर्देश दिया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि अब से योजनाओं और कार्यों की प्रतिदिन (Daily) समीक्षा की जाएगी ताकि लापरवाही की कोई गुंजाइश न बचे।






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