मुजफ्फरपुर जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से आयोजित “सहयोग शिविर” अब जनविश्वास का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुसहरी, मीनापुर एवं कुढ़नी प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया और शिविर संचालन की व्यवस्था, प्राप्त आवेदनों तथा उनके निष्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि हर शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर से की। यहां उन्होंने जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने शिविर परिसर में लगाए गए 18 विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से अब तक प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन तथा लंबित मामलों की जानकारी प्राप्त की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का गंभीरता से समाधान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों साथ-साथ चलना चाहिए तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सहयोग शिविर उसी सोच का परिणाम है, जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की खुशहाली, युवाओं को रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा अपराधमुक्त समाज के निर्माण के लिए कटिबद्ध है। मानव मंत्री ने अभिभावकों से अपने बच्चों को अनुशासन एवं संस्कार देने की अपील करते हुए कहा कि सुयोग्य नागरिक ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने अतिथियों का स्वागत किया तथा जिले में संचालित सहयोग शिविरों की प्रगति एवं प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। वहीं उप विकास आयुक्त ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच सहायता एवं प्रमाणपत्रों का वितरण भी किया गया। जीविका स्वयं सहायता समूह की पांच दीदियों को कुल 74 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पांच मजदूरों को जॉब कार्ड, 15 बुजुर्गों को चश्मा तथा तीन दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल वितरित की गई।
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के 10 लाभुकों को केवाईपी प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। लाभुकों ने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है।
आंकड़ों के अनुसार मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद शिविर में कुल 345 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 327 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है। शेष मामलों के समाधान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसके बाद माननीय मंत्री ने मीनापुर प्रखंड के धरमपुर पंचायत तथा कुढ़नी प्रखंड के खरौनाडीह में आयोजित सहयोग शिविरों का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विभागवार लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर अधिकारियों से आवेदन प्राप्ति एवं निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली।उन्होंने लाभुकों से सीधा संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया और यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें वास्तव में किस प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अधिकांश लाभुकों की समस्याओं का समाधान कर दिया गया है और लोग प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों में सहयोग शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि पहली बार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्वयं गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और तत्काल समाधान भी कर रहे हैं।
सहयोग शिविरों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही “सहयोग सेल” का गठन, नोडल पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति तथा सुदृढ़ मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की गई है। इसी का परिणाम है कि लाभुकों को पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध हो पा रहा है।
इस प्रकार सहयोग शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है।






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