कोरिया जिले में मनरेगा की बड़ी उपलब्धि: 900 से अधिक कार्यों में 18 हजार से ज्यादा श्रमिकों को मिला रोजगार, जल संरक्षण पर विशेष जोर

By Gaurav Kabir

Published on: 8 घंटे पहले

​बैकुंठपुर, कोरिया (छत्तीसगढ़) | 28 मई, 2026 ​आगामी मानसून और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में जल संवर्धन और ग्रामीण रोजगार को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा

बैकुंठपुर, कोरिया (छत्तीसगढ़) | 28 मई, 2026

​आगामी मानसून और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में जल संवर्धन और ग्रामीण रोजगार को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को गति दी गई है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिल रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

900 से अधिक कार्य सक्रिय, 18 हजार से ज्यादा श्रमिक तैनात

​महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जिले में वर्तमान में 900 से अधिक श्रममूलक कार्य स्वीकृत कर संचालित किए जा रहे हैं। इन विकास कार्यों में प्रतिदिन 18 हजार से अधिक पंजीकृत अकुशल श्रमिक अपनी आजीविका कमा रहे हैं।

मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करना और साथ ही गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल संवर्धन की दिशा में ठोस प्रयास करना।

‘वीबी जीरामजी योजना’ (VB_GRAMG) से मिलेगा 125 दिन का रोजगार

​ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी जीरामजी योजना (Viksit Bharat G RAM G) के तहत श्रमिक परिवारों को बड़ी सौगात मिल रही है। इस योजना के अंतर्गत अब पात्र श्रमिक परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। इससे संकट के समय ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के सख्त निर्देश

​कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के कुशल निर्देशन में सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में नए श्रममूलक कार्यों की रूपरेखा तैयार कर उन्हें मंजूरी दी गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

  • ​गाँव में काम मांगने वाले हर इच्छुक और पात्र श्रमिक परिवार को अनिवार्य रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  • ​कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • ​वर्षा ऋतु से पहले जल संरक्षण (जैसे- तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, चेकडैम) के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

जल संरक्षण और पर्यावरण में सुधार

​ग्रामीण विकास विभाग और पंचायत विभाग के समन्वय से हो रहे इन कार्यों का दोहरा लाभ मिल रहा है। एक तरफ जहाँ ग्रामीणों के हाथों को काम मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ आने वाले दिनों में वर्षा जल को सहेजने के लिए जिला पूरी तरह तैयार हो रहा है।

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