’’महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनूठी पहल- जिला मुख्यालय पर सजी ‘‘नारी चौपाल’’

By Gaurav Kabir

Published on: June 10, 2026

’’महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनूठी पहल- जिला मुख्यालय पर सजी ‘‘नारी चौपाल’’ पाली, 10 जून। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रशासन एवं

’’महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनूठी पहल- जिला मुख्यालय पर सजी ‘‘नारी चौपाल’’

पाली, 10 जून। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार पाली में एक भव्य ’’नारी चौपाल’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं व अधिकारों पर खुलकर चर्चा की।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर बजरंग सिंह, व गणमान्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘‘महिला विकास से महिला नेतृत्व आधारित विकास‘‘ की ओर बढना तथा सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक महिलाओं की पहुँच सुनिश्चित करना व महिला सशक्तिकरण एवं महिला आधारित समाधान विकसित करना है।

कार्यक्रम परिचयः- कार्यक्रम का परिचय देते हुए उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग भागीरथ चौधरी, ने बताया कि ‘‘एक समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब महिलाएँ सशक्त और शिक्षित हों। ‘‘नारी चौपाल‘‘ सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का एक सशक्त मंच व माध्यम है।‘‘

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ बजरंग सिंह ने अपने उद्बोदन में नारी शक्ति के अस्तित्व, सशक्तिकरण व महिला आत्मनिर्भता के संदर्भ में जानकारी देते हुए महिलाओं को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।

पूर्व विधायक ज्ञानचन्द पारख द्वारा महिला शक्ति को संबोधित करते हुए बताया की वर्तमान समय में केन्द्र व राज्य सरकार की विभन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं व बालिकाए आगे बढ रही है एवं महिला सशक्तिकरण का सही मायनो में उद्देश्य स्पष्ट करती हुई अपने जीवन में उत्तरोतर आगे बढ रही है। महिलाओं को शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाए प्रदान करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरभी चौहान ने बताया कि महिलाओं की सहभागिता से ही देश-प्रदेश का विकास संभव है तथा उनकी बुनियादी आवश्यकताओं पर सरकार का उचित पर्यवेक्षण किया जा रहा है तथ महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग, पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व राजीविकास विभाग द्वारा ’’सरकारी योजनाओं की जानकारी’’ चौपाल के दौरान महिलाओं को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं लखपति दीदी, ड्रॉन दीदी, कृषि दीदी, सोलर सखी, बैंक सखी, स्वयं सहायता समुह, बाल विवाह मुक्त भारत, साइबर सुरक्षा, एनीमिया, लिंगानुपात, उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, और महिला स्वरोजगार योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा इस नारी चौपाल कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही उपस्थित नारी शक्ति से प्रश्नोत्तरी की गई।

’’स्वास्थ्य और पोषण’’ स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं और बच्चों के सही पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वच्छता के महत्व पर जागरूक किया गया।

’’कानूनी अधिकार और सुरक्षा’’ उपस्थित कानूनी विशेषज्ञों ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत किया।

विभागीय योजना मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भर महिला लाभार्थि को डमी चेक देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र सिंह मेहता, डीपीएम टी सविता, उपखण्ड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, खण्ड अधिकारी भगवान सिंह, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास प्रकाश चन्द, उपनिदेशक समाजिक न्याय अधिकारिता विभाग जे.पी. अरोडा, एसआई साईबर पन्नाराम, जनप्रतिनिधी त्रिलोक चौधरी, शहर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि और विभाग के अधिकारी व कार्मिकगणों सहित लगभग 300 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में जिले के सभी ब्लॉक पर भी नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजित किया गया जिसमें महिलाओं ने बढ चढ कर भाग लिया। जिसमें प्रत्येक ब्लॉक पर 50-100 महिलाए उपस्थित रही।

कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल तंवर द्वारा विधिक जानकारी देते हुए किया गया और प्रियंका व्यास द्वारा कार्यक्रम के अंत में सभी को सफल कार्यक्रम आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

चौपाल के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं ने समाज से कुप्रथाओं को मिटाने और बेटियों को शिक्षा के अवसर दिलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन वन्दे मातरम गीत गायन कर किया गया।


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