पटना: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, राज्य आयुष समिति, स्वास्थ्य विभाग (बिहार) द्वारा पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की।
इस अवसर पर राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े नेताओं और हजारों आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर पूरी दुनिया को निरोग रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख गणमान्य अतिथि
योग दिवस के इस विशाल कार्यक्रम में राजनीति और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और जनता के साथ जमीन पर बैठकर योग किया:

- मुख्य अतिथि: श्री सम्राट चौधरी (माननीय मुख्यमंत्री, बिहार)
- अध्यक्षता: श्री निशांत कुमार (माननीय स्वास्थ्य मंत्री, बिहार)
- केंद्रीय मंत्री: श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) एवं श्री रामनाथ ठाकुर
- उपमुख्यमंत्री: श्री विजय कुमार चौधरी
- विधायक: श्री मंगल पाण्डेय एवं श्री संजय गुप्ता
- विधान परिषद सदस्य (MLC): श्री अनिल शर्मा
- महापौर (Mayor): श्रीमती सीता साहू (पटना नगर निगम)
हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ किया योगाभ्यास
पाटलिपुत्र खेल परिसर में सुबह से ही लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी गणमान्य अतिथियों ने हजारों प्रतिभागियों के साथ सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान (Meditation) के सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने योग के सही तरीके और उसके फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर जोर

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस के बीच योग के प्रति जागरूकता फैलाना था। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नेताओं और विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का एक संपूर्ण पैकेज है। नियमित योगाभ्यास से तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है।
इस सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिहार के लोग स्वास्थ्य और योग के प्रति कितने जागरूक हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग और आयुष समिति की इस पहल की हर ओर सराहना हो रही है।







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