मधेपुरा/उदाकिशुनगंज:
मंगलवार की सुबह मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज के लिए एक बेहद मनहूस खबर लेकर आई। जिस उम्र में बच्चों की दुनिया खिलौनों और किलकारियों से सजी होती है, उस उम्र में एक 6 साल के मासूम को एक बेलगाम वाहन ने हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। उदाकिशुनगंज से पुरैनी जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रहे 6 वर्षीय बालक को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक मासूम की पहचान उदाकिशुनगंज नगर पंचायत क्षेत्र निवासी नुनुलाल मालाकार के 6 वर्षीय बेटे बिपिन कुमार के रूप में हुई है।
हाथ में थी स्लेट और आंखों में थे सपने, अचानक काल बन कर आई स्कॉर्पियो
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच नन्हा बिपिन रोज की तरह सड़क के उस पार स्थित अपने आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने के लिए जा रहा था। परिवार वालों ने उसे सुबह दुलार से तैयार कर आंगनबाड़ी के लिए भेजा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका लाडला अब कभी लौटकर नहीं आएगा।
जैसे ही मासूम बिपिन सड़क पार करने लगा, पुरैनी मुख्य मार्ग पर काल बनकर दौड़ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और कुचलते हुए आगे निकल गई। हादसा इतना भयानक था कि मासूम बच्चे ने घटनास्थल पर ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पल भर में ही एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और मां-बाप की चीखों से पूरा इलाका दहल उठा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, मुआवजे की मांग
अपने आंखों के सामने एक मासूम की इस तरह दर्दनाक मौत देखकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने उदाकिशुनगंज-पुरैनी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग पर अड़ गए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बेटे के शव के पास बैठे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था; उनकी आंखों के आंसू हर किसी का कलेजा चीर रहे थे।
प्रशासन ने दिखाई तत्परता, समझा-बुझाकर खुलवाया जाम
सड़क दुर्घटना और जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। उदाकिशुनगंज के बीडीओ (BDO) गुलजारी पंडित, थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार दलबल और कुछ स्थानीय समाजसेवियों के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया और आक्रोशित ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया। प्रशासन द्वारा सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने के ठोस आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और सड़क जाम समाप्त किया गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
जाम हटने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मासूम बिपिन के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब उस अज्ञात और अनियंत्रित वाहन की तलाश में जुट गई है जिसने एक हंसते-खेलते बच्चे की जान ले ली।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे उदाकिशुनगंज इलाके को शोक में डुबो दिया है। एक बार फिर इस हादसे ने तेज रफ्तार के कहर और मुख्य मार्गों पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।






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