औरंगाबाद: जल संरक्षण से समृद्धि की ओर, डीएम अभिलाषा शर्मा ने किया सिंचाई योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण

By Gaurav Kabir

Published on: June 30, 2026

औरंगाबाद: जिले को जल संरक्षण और कृषि विकास के माध्यम से समृद्ध बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपने कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) ने ओबरा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रही सिंचाई एवं जल संरक्षण योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

ओबरा प्रखंड में मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग की योजनाओं का लिया जायजा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

औरंगाबाद: जिले को जल संरक्षण और कृषि विकास के माध्यम से समृद्ध बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपने कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) ने ओबरा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रही सिंचाई एवं जल संरक्षण योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ का गहराई से जायजा लिया।

​सोनबर्षा वितरणी के पुनर्स्थापन कार्य की समीक्षा

​डीएम ने बेल पंचायत में सोनबर्षा वितरणी से ठेगवा जलवाहा तक लगभग 5000 फीट (1.52 कि.मी.) लंबाई में किए गए पुनर्स्थापन कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस योजना की उपयोगिता, निर्माण की गुणवत्ता और इससे उत्पन्न होने वाली सिंचाई क्षमता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

​अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

​निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • ​सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए।
  • ​किसानों को सिंचाई सुविधा का अधिकतम और सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो।
  • ​निर्मित परिसंपत्तियों का रखरखाव इस प्रकार हो कि उनका दीर्घकालीन उपयोग किया जा सके।
  • ​जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी नई योजनाओं के प्रस्ताव तत्काल तैयार कर उन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाए।

​अन्य पंचायतों में भी कार्यों की हुई समीक्षा

​बेल पंचायत के अलावा डीएम ने मलवा, डिहरा एवं तेजपुरा पंचायतों में भी मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग के समन्वय से संचालित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की पहल

​जिला पदाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का निरंतर विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

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