सहरसा जिले के सोनवर्षा प्रखंड अंतर्गत बैठ मुसहरी पंचायत के हाथीकरण संथाल टोला वार्ड संख्या-1 (छपरा पट्टी) स्थित वीर शहीद प्रधान टुडू क्रीड़ा मैदान में संथाल समाज द्वारा 171वां हुल दिवस हर्षोल्लास एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर आयोजित विशाल श्रद्धांजलि सभा में संथाल समाज के हजारों महिला एवं पुरुष शामिल हुए और अपने वीर पूर्वजों को नमन किया।
आदिवासी “उमूल एकता” संगठन ने किया आयोजन
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी ‘उमूल एकता’ संगठन, कोसी क्षेत्र, सहरसा (बिहार) के तत्वावधान में किया गया। समारोह के दौरान वर्ष 1855 के ऐतिहासिक संथाल हुल आंदोलन (Santhal Rebellion) के वीर शहीदों की अदम्य कुर्बानी को याद किया गया और उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इतिहास और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष विजेंद्र हांसदा ने की। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा:
“संथाल हुल के वीर शहीदों का बलिदान केवल हमारे समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है। जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान के लिए दी गई उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
उन्होंने समाज के लोगों, विशेषकर युवाओं से एकजुट होने और अपने गौरवशाली इतिहास तथा संस्कृति को संरक्षित रखने का पुरजोर आह्वान किया।
समारोह में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
- कोषाध्यक्ष: दिनेश टुडू
- सचिव: शिवनंदन टुडू
- अन्य प्रमुख सदस्य: सुनील हेंब्रम, देवलाल मुर्मू, रूपेश हांसदा, रामश्री सोरेन, मदन मुर्मू, जागेश्वर सोरेन, बाबूलाल सोरेन, हेमंत मुर्मू, हीरालाल हेंब्रम, मनोज टुडू, लालजी मरांडी, जलाल मरांडी, रमेश हांसदा, अजय मुर्मू, बाबूलाल हांसदा, छोटेलाल हांसदा, दरबारी सोरेन, अनिल मरांडी, और अशोक हेंब्रम।
- विशेष अतिथि: लोजपा (एससी-एसटी प्रकोष्ठ) के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार पासवान एवं अरविंद कुमार।
इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और युवाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाया।







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