उदाकिशुनगंज, मधेपुरा:
नगर परिषद उदाकिशुनगंज के क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार, बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव और विभागीय उदासीनता के खिलाफ स्थानीय नागरिकों का आक्रोश फूट पड़ा है। शहर की जर्जर स्थिति और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर आगामी 16 अगस्त को सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी (उदाकिशुनगंज) को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख शिकायतें और जनसमस्याएं:
नगरवासियों और प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए पत्र में शहर की दयनीय स्थिति के मुख्य कारणों को उजागर किया गया है:
- व्यापक भ्रष्टाचार: नगर परिषद के विभिन्न विकास कार्यों, निविदाओं (Tenders) और योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।
- गंभीर जलजमाव: थोड़ी सी बारिश में ही शहर के मुख्य मार्गों और मोहल्लों में जलजमाव हो जाता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
- कचरा प्रबंधन में लापरवाही: वार्डों में नियमित रूप से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है, जिससे जगह-जगह कूड़े का अंबार लग गया है और पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है।
- होल्डिंग टैक्स में मनमानी: नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं दिए बिना ही होल्डिंग टैक्स में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है और मनमाने तरीके से वसूली की जा रही है।
- खराब स्ट्रीट लाइटें: नगर परिषद क्षेत्र की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। रात के समय सड़कों पर छाए अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का भय बना रहता है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
आवेदकों का कहना है कि इन ज्वलंत समस्याओं को लेकर पूर्व में भी कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की इस कुंभकर्णी नींद को तोड़ने के लिए ही यह लोकतांत्रिक और अहिंसक आंदोलन किया जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से गौरव कबीर और अविनाश कुमार सिंह शामिल हैं। इस आशय की सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए एक-एक प्रतिलिप कार्यपालक पदाधिकारी (नगर परिषद उदाकिशुनगंज) और थानाध्यक्ष (उदाकिशुनगंज थाना) को भी भेजी गई है।
अब यह देखना अहम होगा कि इस शांतिपूर्ण धरने के ऐलान के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नगरवासियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन को और उग्र करना पड़ेगा।






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