हरि सेवा आश्रम में CM धामी का ऐलान: ‘देवभूमि बनेगी विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’, UCC और भू-कानून पर कही बड़ी बात

By Gaurav Kabir

Published on: 3 घंटे पहले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने हरिद्वार के हरि सेवा आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा और संत सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति, UCC, सख्त धर्मांतरण कानून और देवभूमि के आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया।

हरिद्वार/देहरादून:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार स्थित हरि सेवा आश्रम (Hari Sewa Ashram) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन करते हुए आश्रम द्वारा समाज जागरण और सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की।

​CM धामी ने अपने संबोधन में सनातन धर्म, राज्य सरकार के कड़े कानूनों और उत्तराखंड को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के विजन को जनता और संत समाज के सामने रखा।

श्रीमद्भागवत कथा मानवता और आध्यात्मिक चेतना का माध्यम

​मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा (Shrimad Bhagwat Katha) केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मानवता को आध्यात्मिक चेतना और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने संत समाज को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण में संतों का योगदान अतुलनीय है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा भारत

​प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया युग चल रहा है।

  • ​अयोध्या में श्रीराम मंदिर (Ram Mandir)
  • ​काशी विश्वनाथ धाम
  • ​महाकाल लोक
  • श्री केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) का पुनर्विकास

​ये सभी कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को “विश्व की आध्यात्मिक राजधानी” (Spiritual Capital of the World) के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

UCC, भू-कानून और धर्मांतरण पर सरकार सख्त

​देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अस्मिता की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव और अतिक्रमण को रोकने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं:

  • सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है।
  • ​राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC in Uttarakhand) को अमलीजामा पहनाया गया है।
  • भू-कानून (Bhu-Kanoon) जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
  • ​सरकारी भूमि को अतिक्रमण (Anti-Encroachment Drive) से मुक्त कराने के लिए प्रदेश भर में प्रभावी कार्रवाई जारी है।

युवाओं को सनातन से जोड़ने के लिए खुलेंगे नए संस्थान

​युवा पीढ़ी को भारतीय दर्शन और सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • दून विश्वविद्यालय (Doon University) में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ (Center for Hindu Studies) की स्थापना की गई है, जहाँ उच्च स्तरीय शोध कार्य होंगे।
  • ​हरिद्वार में ‘प्राच्य शोध संस्थान’ की स्थापना की जा रही है।

संतों से मांगा आशीर्वाद

​अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का आभार व्यक्त किया और संत समाज से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए आशीर्वाद मांगा।

ये गणमान्य रहे उपस्थित:

इस विशाल संत सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री प्रदीप बत्रा सहित कई प्रतिष्ठित संतगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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