इंदौर, 23 जून 2026
लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इंदौर जिला प्रशासन (Indore Administration) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की सख्ती के बाद, शहर के कोचिंग सेंटरों, रेस्टोरेंट्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी (Fire Safety in Indore) की सघन जांच की जा रही है।
इसी कड़ी में सोमवार को भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में 13 से अधिक संस्थानों को सील कर दिया गया।
भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में चला सघन अभियान
एसडीएम श्री घनश्याम धनगर के नेतृत्व में राजस्व विभाग, फायर सेफ्टी ऑफिसर और नगर निगम की संयुक्त टीम ने जूनी इंदौर क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई नामी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए।
- कैटेलाइजर कोचिंग सेंटर: यहां भारी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे, लेकिन आग से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की भारी कमी थी। प्रशासन ने इसे तुरंत प्रभाव से सील कर दिया।
- रेज़ोनेंस कोचिंग सेंटर: तीन महीने पहले नोटिस दिए जाने के बावजूद संस्थान ने अपनी खामियां दूर नहीं कीं, जिसके बाद टीम ने कड़ा एक्शन लिया।
- माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट: यहां फायर ऑडिट नहीं कराया गया था। जलती भट्टी के पास भारी मात्रा में कोयला रखा हुआ था, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता था। टीम ने इसे भी सील कर दिया।
- रामानुजन कोचिंग और मेडिकोज करियर इंस्टीट्यूट: नोटिस के बाद भी सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए। मेडिकोज का भवन जर्जर हालत में मिला, जिसके चलते इसे सील किया गया। बेसमेंट में चल रहा एक अवैध ऑटो सेंटर भी बंद कराया गया।
इन संस्थानों पर भी गिरी गाज
कार्रवाई के दौरान कई अन्य प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निम्नलिखित संस्थानों पर कार्रवाई की:
- नालंदा परिसर
- स्टडी आईएएस (Study IAS)
- माईंड कोचिंग क्लासेस
- उड़ान करियर इंस्टीट्यूट
- अड्डा (Adda)
- विनायक
- स्टडी आईक्यू (Study IQ)
- इंस्पायर लाइब्रेरी, ईरा लाइब्रेरी, श्री जी लाइब्रेरी और सारथी लाइब्रेरी
- गुरुकुल क्लासेस
- नुकलियम, आयाम और इकरथ कोचिंग संस्थान
कलेक्टर की सख्त चेतावनी: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
इंदौर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बड़े भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लगातार जांच हो रही है। अब तक शहर में 70 से अधिक भवनों को सील किया जा चुका है। प्रशासन ने सभी भवन संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे तुरंत फायर सेफ्टी मानकों (Fire Safety Standards) को पूरा करें।
इस विशेष अभियान में एसडीएम घनश्याम धनगर के साथ तहसीलदार राकेश सस्तिया, कमलेश कुशवाह, नायब तहसीलदार अशोक परमार और भवन अधिकारी अंकेश बिरथरे, शैलेंद्र मिश्रा व राहुल रघुवंशी शामिल रहे।






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