पूर्णिया न्यूज़: संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम अंशुल कुमार ने किया बेलगच्छी झौआ तटबंध का निरीक्षण

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

Purnea News: मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार ने बेलगच्छी झौआ तटबंध और SDRF आपातकालीन केंद्र का निरीक्षण किया। जानें बाढ़ पूर्व तैयारियां।

पूर्णिया (24 जून 2026): आगामी मानसून और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूर्णिया जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। आमजन की सुरक्षा और बाढ़ पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को पूर्णिया के जिला पदाधिकारी (DM) श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) ने संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बेलगच्छी झौआ तटबंध और जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र का भौतिक निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

पूर्णियां संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ( भा०प्र०से) द्वारा बुधवार को किया गया बेलगच्छी झौआ तटबंध एवं जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण दिए गए कई आवश्यक दिशा निर्देश:-

​आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए पूर्णिया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

आमजन की सुरक्षा और बाढ़ पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा बुधवार को क्षेत्र भ्रमण का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बेलगच्छी झौआ तटबंध के 08 किलोमीटर का बारिकी से निरीक्षण किया गया।

उन्होंने फ्लड कंट्रोल डिविजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि कटाव और जलस्तर में वृद्धि की स्थिति से निपटने में कोई कोताही न बरती जाए।आपात स्थिति में तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सैंड बैग (बालू की बोरियों) के भंडारण (स्टॉकिंग) की स्थिति जांची गई। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि संवेदनशील पॉइंट पर सैंड बैग की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित करें।

आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा और SDRF की समीक्षा
​तटबंध के निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र (District Emergency Response Facility-cum-Training Centre) का भी निरीक्षण किया गया।

जिला पदाधिकारी महोदय ने वहाँ तैनात SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम से मुलाकात की और आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध मोटर बोट, लाइफ जैकेट तथा अन्य अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों की वर्तमान स्थिति एवं कार्यशीलता की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी उपकरण हर समय ‘रेडी-टू-मूव’ मोड में होने चाहिए।
​आपातकालीन केंद्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला पदाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) को निर्देशित किया कि:
​केंद्र के भवन में लगे सभी सोलर उपकरणों को अविलंब ‘नेट मीटरिंग’ (Net Metering) से जोड़ा जाए।
​इससे न केवल सौर ऊर्जा का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि बिजली ग्रिड के साथ ऊर्जा का संतुलन भी बना रहेगा।

इस निरीक्षण के क्रम में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा (भा०प्र०से), अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, फ्लड कंट्रोल के कार्यपालक अभियंता,RWD के अभियंता मौजूद थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

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