कृषि भवन सभागार, मीठापुर में पटना जिले के फुलवारीशरीफ अंचल के किसानों के लिए आयोजित एग्री-स्टैक (AgriStack) फार्मर रजिस्ट्री – द्वितीय चरण शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर किसान फार्मर आईडी निर्माण प्रक्रिया का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “डिजिटल इंडिया” विजन के अनुरूप यह अभियान किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए पारदर्शिता, सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
एग्री-स्टैक के माध्यम से किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँच सकेगा।NDA सरकार में सुशासन, तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से “समृद्ध किसान – विकसित बिहार” के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
कृषि रोड मैप के अंतर्गत कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के समन्वय से वर्षों से लंबित म्यूटेशन एवं परिमार्जन के कार्यों को भी गति मिली है, जिसके परिणामस्वरूप प्रथम चरण में फार्मर रजिस्ट्री की 47 लाख 85 हजार यानी 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्ति हुई।
हमें यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पर गर्व है कि हम उस समय राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रहे और विभाग के सभी वरीय पदाधिकारियों के सहयोग व समर्पण से यह संख्या प्राप्त हुई।हमारा संकल्प है कि बिहार का प्रत्येक किसान डिजिटल युग का आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं सशक्त किसान बने।







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