सिवनी/ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बुधवार 27 मई को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक लेकर शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों, विकासकार्यों एवं कानून व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस वीडियों कांफ्रेंस में प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत, अपर कलेक्टर श्री सी एल चनाप एवं सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि लोक सेवा गारंटी, जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का तत्परता के साथ निराकरण किया जाए। इनके निराकरण में प्रशासन की संवेदनशीलता नजर आना चाहिए।
उन्होंने पीएम राहत योजना का सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।उन्होंने जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसुति सहायता योजना की सहायता राशि वितरण की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देशित किया गया कि योजनाओं के हितग्राहियों को राशि का शीघ्र वितरण किया जाए और कोई भी पात्र हितग्राही महिला इन योजनाओं के लाभ से वंचित नही रहना चाहिए। बैठक में बताया गया कि इन योजनाओं में सहायता राशि वितरण के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित है और सीएम हेल्पलाईन में भी इस संबंध में प्रकरण दर्ज कराये गए है। अत: इन प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण किया जाए।मुख्य सचिव ने बलराम तालाब, नरवाई प्रबंधन की समीक्षा की गई और पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गए। पशुपालन विभाग को क्षीरधारा एवं कामधेनु योजना में लक्ष्य के अनुरूप ऋण प्रकरण तैयार करने तथा पशुओ का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने कहा गया। मत्स्यपालन के लिए बडे जलाशयों में लक्ष्य के अनुरूप केज कल्चर लगाने के निर्देश दिये गए।बैठक में किसानों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण के निर्देश दिये गए। इसके लिए सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिये गए।
ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्थित तरीके से हो रहा है और किसानों को उर्वरक के लिए लाइन लगाने की जरूरत नही पड रही है। खरीफ फसलों के लिए प्रदेश में उर्वरक का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है और उर्वरक की कमी नही है।पेयजल व्यवस्था एवं जल स्रोतों के रखरखाव को लेकर विशेष निर्देशमुख्य सचिव श्री जैन ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल प्रदाय व्यवस्था पर कडी निगरानी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आमजन को पेयजल की समस्या नही होना चाहिए। इसके लिए जल स्त्रोतों एवं हैंडपंपों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने कहा गया।
वीडियों कांफ्रेंस में नगरीय निकाय की अमृत-2.0, स्वच्छता सर्वेक्षण, कचरा प्रबंधन, जल गंगा संवर्धन अभियान, राजस्व विभाग के नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, लोकसेवा गारण्टी, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों एवं वर्षा ऋतु के पूर्व बाढ आपदा प्रबंधन के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई। श्रमयोगी मानधन योजना में अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिये गए। समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी की समीक्षा के दौरान गेहूँ विक्रय करने वाले किसानों को शीघ्रता से भुगतान करने कहा गया।







No comments yet. Be the first to comment!