हाजीपुर (वैशाली) के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत पानापुर क्षेत्र में भारी मात्रा में फेंकी गई सरकारी दवाओं और सर्जिकल सामग्रियों के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के निर्देश पर महुआ के अनुमंडल पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मामले की जमीनी जांच की है।जांच में सामने आई मुख्य बातें: * पानापुर गांव के चंवर क्षेत्र में एक गड्ढे से बड़ी संख्या में दवाएं और सर्जिकल सामग्रियां बरामद की गईं।
कई दवाओं की एक्सपायरी डेट अभी बची हुई है (वर्ष 2027, 2028 और 2029 तक)।
शुरुआती रिकॉर्ड के अनुसार, कुछ दवाएं वैशाली जिले के कोटे की नहीं हैं और यह मेडिकल कॉलेज आपूर्ति से जुड़ी हो सकती हैं। मौके से मिले एक बोरे पर मुजफ्फरपुर भी अंकित पाया गया है।
घटनास्थल से यूरो बैग, मिडाजोलम, जोल्मिट्रिप्टन, पाइरिडोक्सिन जैसी दवाएं और सर्जिकल सामान मिले हैं।प्रशासनिक कार्रवाई और निर्देश:सभी दवाओं के सैंपल सुरक्षित कर लिए गए हैं। यह दवाएं किस जिले या संस्थान को अलॉट की गई थीं, इसका सटीक पता लगाने के लिए पटना (BMSICL) को भी सूचित किया जा रहा है।
डीएम श्रीमती वर्षा सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी संसाधनों के ऐसे दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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