मध्यप्रदेश :सिवनी मानसून पूर्व बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारियों की संभागायुक्त ने की समीक्षा

By Gaurav Kabir

Published on: 14 घंटे पहले

सिवनी मानसून पूर्व बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर संभागायुक्त जबलपुर श्री धनंजय सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभाग के सभी जिलों के

सिवनी मानसून पूर्व बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर संभागायुक्त जबलपुर श्री धनंजय सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभाग के सभी जिलों के आपदा संवेदनशील क्षेत्रों के आकलन, बाढ़ प्रभावित होने वाली नदियों, बड़े बांधों तथा जिलेवार तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले में उपलब्ध नाव, मोटर बोट, लाइफ जैकेट सहित अन्य बचाव संसाधनों की स्थिति का परीक्षण किया जाए तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन दलों की तत्परता सुनिश्चित की जाए। प्राकृतिक जलाशयों, जल निकास नालियों, तालाबों एवं नालों की सफाई के साथ बांधों और तटबंधों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।


संभागायुक्त ने कहा कि 15 जून से बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रूप से कार्य करना प्रारंभ कर दें। साथ ही बड़े बांधों एवं जल परियोजनाओं से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों एवं संबंधित जिलों को पूर्व सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने आपदा की स्थिति में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान तथा आमजन तक समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी संचार व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखते हुए चेतावनी एवं अलर्ट संदेशों का त्वरित प्रसारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि संभावित खतरे की स्थिति में नागरिकों को समय रहते सतर्क कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर जलभराव वाले क्षेत्रों का पूर्व चिन्हांकन कर नागरिकों की सुरक्षा के लिए राहत शिविरों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जीवन रक्षक दवाइयों तथा सर्पदंश की घटनाओं से निपटने हेतु एंटी वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।


बैठक में पोस्ट मानसून परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारियां रखने, पशुओं के लिए चारा एवं भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एसडीआरएफ, होमगार्ड के साथ स्थानीय गोताखोरों एवं मछुआरों की अद्यतन सूची संधारित करने के निर्देश दिए गए।


संभागायुक्त ने कहा कि जर्जर भवनों में संचालित स्कूल, आंगनवाड़ी एवं छात्रावासों का परीक्षण कर आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अन्य सुरक्षित स्थानों पर संचालित किया जाए। साथ ही अभियान चलाकर खुली नालियों के मेनहोल एवं खुले बोरवेल को सुरक्षित रूप से बंद कराने तथा विद्युत लाइनों के खुले एवं क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. चनाप, अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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