नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में ‘विकसित भारत @ 2047’ (Viksit Bharat 2047) के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी पर व्यापक मंथन हुआ।
इस अहम बैठक में मध्य प्रदेश ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए राज्य के विकास मॉडल और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों पर जोर
नीति आयोग की इस 11वीं बैठक का मुख्य एजेंडा ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को धरातल पर उतारना रहा। बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि देश के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतरीन तालमेल और समन्वित प्रयास (Coordinated Efforts) बेहद जरूरी हैं। सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने विकास के विभिन्न आयामों, आर्थिक प्रगति और ढांचागत सुधारों पर सार्थक चर्चा की।
मध्य प्रदेश का संकल्प: सुशासन और समावेशी विकास
बैठक में सहभागिता करते हुए मध्य प्रदेश की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि राज्य ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक प्रमुख इंजन की तरह काम कर रहा है। मध्य प्रदेश सरकार निम्नलिखित चार प्रमुख स्तंभों के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है:
- सुशासन (Good Governance): पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन।
- समावेशी विकास (Inclusive Development): समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना।
- नवाचार (Innovation): तकनीक और नई योजनाओं के जरिए प्रगति को रफ्तार देना।
- जनकल्याण (Public Welfare): नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली कल्याणकारी नीतियां।
मध्य प्रदेश ने यह स्पष्ट किया है कि ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में राज्य अपनी सक्रिय और सशक्त भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







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