पटना: बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित ‘भरोसे के च्वाइस पटना एडिशन’ के 11वें संस्करण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार अब विकास की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योग, निवेश और जनभागीदारी ही बिहार के उज्ज्वल भविष्य और समृद्धि की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
कार्यक्रम की मुख्य बातें और मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं:
- 30 दिनों में सिंगल विंडो क्लीयरेंस: राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब फास्ट-ट्रैक मोड में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि बिहार में कोई भी नया उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को मात्र 30 दिनों के अंदर सभी आवश्यक क्लीयरेंस दे दिए जाएंगे।
- 6.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश: बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए 6 लाख 25 हजार एकड़ भूमि पर 12 नई टाउनशिप का विकास किया जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए राज्य में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आने की उम्मीद है।
- 24 में से 20 घंटे काम करने का आह्वान: बिहार को उसके गौरवशाली अतीत से दोबारा जोड़ने और एक समृद्ध राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने नई कार्य-संस्कृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बिहार को समृद्ध बनाने के लिए हम सभी को 24 घंटे में से 20 घंटे पूरी लगन के साथ काम करना होगा।”
- प्रोफेशनल्स और व्यवसायियों से अपील: आर्थिक विकास को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए CM सम्राट चौधरी ने बिहार से जुड़े उद्योगपतियों, व्यवसायियों, चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA), कम्पनी सेक्रेट्री (CS) और वित्तीय विशेषज्ञों से राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह संबोधन बिहार में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 12 नई टाउनशिप और 30 दिन में क्लीयरेंस की नीति से बिहार जल्द ही देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है।







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