सिवनी:मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर नेहा मीना एवं उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिले में कृषि आदानों के अवैध विक्रय के विरुद्ध सतत कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम सिलघाट में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक के अवैध विक्रय के मामले में थाना बरघाट में एफआईआर दर्ज कराई गई है।विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम सिलघाट में किसानों के घर-घर जाकर बीज एवं उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है।
प्राप्त सूचना के आधार पर गठित जिला स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण दल, जिसमें सहायक संचालक कृषि श्री पवन कुमार कौरव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बरघाट श्री मेघदूत परते, जिला परामर्शदाता श्री मुकेश मीणा एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री संजय कुमार चौहान शामिल थे, ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
निरीक्षण के दौरान ग्राम सिलघाट निवासी कृषक महासिंह भलावी के घर पर दानेदार जैविक खाद, धान बीज, ह्यूमिक एसिड तथा कीटनाशक पाए गए। पूछताछ में कृषकों ने बताया कि उक्त सामग्री का विक्रय दिलीप भगत नामक व्यक्ति द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है, जो जिला बालाघाट का निवासी है।जांच के दौरान दिलीप भगत से उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
उसके पास उपलब्ध रजिस्टर में ग्राम सिलघाट के अलावा चिमनाखारी एवं टेटमा के किसानों को भी कृषि आदानों का विक्रय किए जाने का उल्लेख पाया गया। दस्तावेजों के अभाव में विक्रय किए जा रहे कृषि आदान संदिग्ध एवं अवैध प्रतीत होने पर संबंधित के विरुद्ध थाना बरघाट में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, बीज अधिनियम 1966 तथा कीटनाशी अधिनियम 1968 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई।लगातार जारी है कार्रवाई कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन 2026 के दौरान कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं वैध विक्रय सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 4 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं तथा निरीक्षण दल द्वारा नियमित रूप से कृषि आदान विक्रेताओं की जांच की जा रही है।
किसानों से अपील कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं कीटनाशकों का क्रय करें तथा खरीदारी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध विक्रय की जानकारी तत्काल कृषि विभाग अथवा प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh #seoni Department of Agriculture, Madhya Pradesh







No comments yet. Be the first to comment!