विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

उपायुक्त ने पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं अनुसूचित जनजाति आश्रम आवासीय बालिका विद्यालय का किया औचक निरीक्षण छात्राओं से किया सीधा संवाद, शिक्षा, सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं एवं छात्र कल्याण व्यवस्थाओं की ली विस्तृत जानकारी

उपायुक्त ने पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं अनुसूचित जनजाति आश्रम आवासीय बालिका विद्यालय का किया औचक निरीक्षण

छात्राओं से किया सीधा संवाद, शिक्षा, सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं एवं छात्र कल्याण व्यवस्थाओं की ली विस्तृत जानकारी

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रवि आनंद ने आज सिमरिया प्रखंड क्षेत्र स्थित पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सिमरिया तथा अनुसूचित जनजाति आश्रम आवासीय बालिका विद्यालय, जबड़ा का औचक निरीक्षण कर छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों की आधारभूत संरचना, सुरक्षा व्यवस्था, पठन-पाठन की गुणवत्ता, छात्रावास प्रबंधन, भोजन व्यवस्था एवं छात्र कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सर्वप्रथम पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सिमरिया पहुंचे। विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित वातावरण को देखकर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की सराहना की तथा इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने का निर्देश दिया।

इसके पश्चात उन्होंने स्मार्ट क्लास का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध डिजिटल शिक्षण सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उपायुक्त ने छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रम, विषयगत समझ एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्राओं को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उपायुक्त ने कहा कि आज की छात्राएं ही कल के समाज और राष्ट्र की दिशा तय करेंगी, इसलिए शिक्षा को जीवन का सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से जिले एवं राज्य का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की वार्डन द्वारा विद्यालय परिसर की चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने की आवश्यकता से अवगत कराया गया। वार्डन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से चारदीवारी को और ऊंचा किया जाना आवश्यक है। साथ ही यह भी बताया गया कि विद्यालय का विद्युत कनेक्शन वर्तमान में ग्रामीण फीडर से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति में बाधाएं उत्पन्न होती हैं। यदि इसे सिमरिया शहरी फीडर से जोड़ा जाए तो विद्युत व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकती है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने एवं प्रस्ताव तैयार कर यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में स्थापित ओपन जिम का भी निरीक्षण किया तथा छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेल एवं व्यायाम गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों का शारीरिक विकास भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

इसके उपरांत उपायुक्त अनुसूचित जनजाति आश्रम आवासीय बालिका विद्यालय, जबड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यालय के विभिन्न कक्षा-कक्षों, छात्रावास एवं अन्य व्यवस्थाओं का क्रमवार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था तथा आधारभूत संरचना की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी छात्राओं को एक स्थान पर एकत्रित कर उनसे खुलकर संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, पेयजल, खेलकूद एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। छात्राओं ने उपायुक्त के समक्ष विद्युत आपूर्ति में सुधार, खेलकूद सामग्री की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित अपनी मांगें रखीं।

छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने मौके पर ही जिला योजना पदाधिकारी सह जिला कल्याण पदाधिकारी श्री शिशिर पंडित को आवश्यकतानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने छात्रावास में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता, भोजन वितरण व्यवस्था एवं पोषण संबंधी मानकों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि आवासीय विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इसलिए इन विद्यालयों में शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों एवं आवश्यकताओं के आधार पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री दिनेश कुमार मिश्रा, जिला योजना पदाधिकारी सह जिला कल्याण पदाधिकारी श्री शिशिर पंडित, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री शकील अहमद, विद्यालय के शिक्षकगण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

Office of Chief Minister, Jharkhand Hemant Soren IPRD Jharkhand

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