झारखण्ड /देवघर
सावन के पावन महीने के करीब आते ही राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। इस विश्वप्रसिद्ध मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मेला क्षेत्र का सघन जमीनी निरीक्षण किया। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों (कांवरियों) को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ तक चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश
अधिकारियों ने दुम्मा बॉर्डर (झारखंड प्रवेश द्वार) से लेकर पूरे कांवरिया पथ का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़े निर्देश जारी किए गए:
- साफ-सफाई (Cleanliness): कांवरिया पथ और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश। बालू की छनाई और पथ को सुगम बनाने पर जोर।
- सुरक्षा व्यवस्था (Security): चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी और क्राउड मैनेजमेंट (Crowd Management) का फुलप्रूफ प्लान तैयार करने का आदेश।
- टेंट सिटी और पार्किंग (Tent City & Parking): कांवरियों के विश्राम के लिए हाई-टेक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ का समय पर निर्माण और वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्पेस सुनिश्चित करना।
24 घंटे बिजली और हर कदम पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को सर्वोत्तम नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुविधाओं के निर्माण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- निर्बाध बिजली आपूर्ति: पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर 24 घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाएगी ताकि रात के समय यात्रा करने वाले कांवरियों को परेशानी न हो।
- स्वास्थ्य केंद्र (Health Centers): चिलचिलाती धूप और बारिश के मौसम को देखते हुए जगह-जगह पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की सुविधा समय रहते तैयार की जाएगी।
- पर्यटन व सहायता केंद्र (Tourism & Help Desks): श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए 24×7 सहायता और पर्यटन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रशासन का संकल्प:
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला 2026 की सभी बुनियादी तैयारियां समय सीमा (Deadline) के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार का सावन मेला पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और कांवरियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हो।







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