झारखंड (Jharkhand News): राज्य में 0 से 5 वर्ष तक के नौनिहालों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए आगामी 28 जून 2026 से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (National Pulse Polio Campaign 2026) की शुरुआत होने जा रही है।
इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रवि आनन्द की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर इस महाभियान को सफल बनाने का सख्त निर्देश दिया है।
पल्स पोलियो अभियान 2026 की प्रमुख तिथियां और कार्ययोजना
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। जिले में यह अभियान तीन दिनों तक चलेगा:
- 28 जून 2026: अभियान के पहले दिन निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाई जाएगी।
- 29 और 30 जून 2026: स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर (Door-to-Door) उन बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जो पहले दिन बूथ पर दवा पीने से छूट गए हों।
उपायुक्त का सख्त निर्देश: कोई भी बच्चा न रहे वंचित
उपायुक्त श्री रवि आनन्द ने स्पष्ट किया कि भारत को ‘पोलियो मुक्त’ (Polio Free India) बनाए रखने में इस अभियान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को विशेष रणनीति तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिले का एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सहिया (Sahiya), आंगनबाड़ी सेविका (Anganwadi) और आशा कार्यकर्ताओं (ASHA Workers) के सहयोग से क्षेत्रवार बच्चों की अपडेटेड सूची तैयार करें।
सार्वजनिक स्थानों पर तैनात रहेंगी विशेष ट्रांजिट टीमें
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यात्रा करने वाले बच्चे भी इस अभियान से न छूटें। इसके लिए विशेष ट्रांजिट टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें निम्नलिखित स्थानों पर तैनात किया जाएगा:
- बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन
- हाट-बाजार
- मेला स्थल और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके
दवा पिलाने के बाद बच्चों की उंगली पर मार्किंग करने और घरों को चिन्हित (House Marking) करने की प्रक्रिया का भी सख्ती से पालन किया जाएगा।
जनभागीदारी और जागरूकता पर जोर
प्रशासन द्वारा आम लोगों को इस पल्स पोलियो कार्यक्रम से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए माइकिंग, पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), WHO प्रतिनिधि और विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।







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