कटनी: जोखिमग्रस्त बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास पर प्रशासन का विशेष फोकस, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

By Gaurav Kabir

Published on: 57 मिनट पहले

कटनी में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक संपन्न। कलेक्टर आशीष तिवारी ने बच्चों की शिक्षा, पुनर्वास और पॉक्सो मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश। जानें पूरी खबर।

कटनी: जिले में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कठिन सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों में रहने वाले जोखिमग्रस्त बच्चों की तुरंत पहचान की जाए और उन्हें बाल संरक्षण सेवाओं से जोड़ा जाए।

​यह महत्वपूर्ण निर्णय कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में लिया गया। इस बैठक में शिक्षा, पुनर्वास और पॉक्सो (POCSO) से जुड़े मामलों की व्यापक समीक्षा की गई।

जिले के बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को लेकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कठिन परिस्थितियों और जोखिमग्रस्त क्षेत्रों में निवासरत प्रत्येक बच्चे की पहचान कर उसे बाल संरक्षण सेवाओं से जोड़ा जाए। यह निर्देश उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में दिए।

      बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास वनश्री कुर्वेती,सी एम् एच ओ डा राज सिंह ठाकुर, समिति के सदस्य, उपसंचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित, डीईओ और अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी रही।

      बैठक में कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि ऐसे बच्चे जो कठिन सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर शासन की सभी उपलब्ध बाल संरक्षण योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने संस्थागत एवं गैर-संस्थागत बाल संरक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

जरूरतमंदों तक पहले पहुंचे मदद

      कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि जिले में ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक संकटों से जूझ रहे हैं। इन बच्चों को बाल संरक्षण योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचने में देरी नहीं होनी चाहिए।

पॉक्सो के मामलों में संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

बैठक में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले की सूचना तत्काल बाल कल्याण समिति को उपलब्ध कराई जाए। पीड़ित बच्चों को मनोसामाजिक सहयोग, कानूनी सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सहायक व्यक्तियों के पैनल के पुनर्गठन और नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए।

बच्चों के भविष्य को संवारने पर फोकस

      कलेक्टर ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आधार कार्ड, आवासीय सुविधाओं और समग्र विकास की समीक्षा की। उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई को उद्योग विभाग और जिला कौशल विकास विभाग के साथ समन्वय कर बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

पुनर्वास के क्षेत्र में कटनी बना मिसाल

      बैठक में बताया गया कि जिला बाल संरक्षण इकाई ने गत वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय कार्य करते हुए जिले के 73, प्रदेश के अन्य जिलों के 65 तथा अन्य राज्यों के 40 बच्चों का सफल पुनर्वास कराया है। कुल 178 बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए इस कार्य की कलेक्टर श्री तिवारी ने सराहना की और इसे संवेदनशील प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

गुमशुदा और तस्करी के शिकार बच्चों की सुरक्षा के निर्देश

      कलेक्टर श्री तिवारी ने गुमशुदा बच्चों, बाल तस्करी और मानव तस्करी की रोकथाम, बचाव, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

योजनाओं की हुई समीक्षा

      बैठक में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप, आफ्टर केयर और दत्तक ग्रहण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा पात्र बच्चों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

      जिला प्रशासन केवल बच्चों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और सम्मानजनक भविष्य के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले में बाल संरक्षण को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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