सिंगरौली 20 जून 2026/ ग्रामीण क्षेत्र के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने की सरकार की प्राथमिकता को मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम के अंतर्गत निर्माण एजेंसी एम/एस डब्ल्यूपीआईएल द्वारा संचालित वैढ़न-1 समूह जल प्रदाय योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए परियोजना स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना के इंटेक वेल एवं जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जल निगम महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि परियोजना की वर्तमान भौतिक प्रगति केवल 82 प्रतिशत है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी को पानी पहुँचाने के लिए प्रस्तावित 114 उच्च स्तरीय जलाशयों (ओएचटी) में से 22 जलाशयों का निर्माण कार्य निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक प्रारंभ ही नहीं किया गया है। वहीं, नदी या जलस्रोत से पानी उठाने वाले इंटेक वेल का कार्य भी अधूरा पाया गया, जिसकी प्रगति लगभग 70 प्रतिशत ही है। इसके अलावा, गाँवों में जल प्रदाय प्रणाली के परीक्षण (टेस्टिंग) कार्य की स्थिति भी अत्यंत धीमी पाई गई तथा अब तक केवल एक ग्राम में ही पानी की सप्लाई का परीक्षण प्रारंभ किया जा सका है।
पेयजल जैसे संवेदनशील कार्य में बरती जा रही इस लापरवाही पर कलेक्टर श्री बैनल ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ने निर्धारित माइलस्टोन प्राप्त करने में विफल रहने एवं कार्य की लगातार सुस्त रफ्तार के मद्देनजर मध्यप्रदेश जल निगम के अधिकारियों को निर्माण एजेंसी के विरुद्ध अनुबंध समाप्ति (टर्मिनेशन) की कार्रवाई हेतु तत्काल नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने एजेंसी को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित के इस कार्य में तेजी लाएं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में काम पूरा करें, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द नल से जल मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश जल निगम के महाप्रबंधक, निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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