पूर्णियां जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा जिले के अत्यंत संवेदनशील और बाढ़ प्रवण क्षेत्रों—बायसी,अमौर एवं बैसा प्रखंडों का विस्तृत दौरा किया गया।

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

पूर्णियां जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा जिले के अत्यंत संवेदनशील और बाढ़ प्रवण क्षेत्रों—बायसी,अमौर एवं बैसा प्रखंडों का विस्तृत दौरा किया गया।


पूर्णियां जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा जिले के अत्यंत संवेदनशील और बाढ़ प्रवण क्षेत्रों—बायसी,अमौर एवं बैसा प्रखंडों का विस्तृत दौरा किया गया।

इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून अवधि के दौरान संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता की बुनियादी समस्याओं बिजली, सड़क, स्वास्थ्य समस्या से अवगत होना था।

आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय सभी महत्वपूर्ण विभागों के पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
​बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान पूर्णिया जिला अंतर्गत बैसा, अमौर, बायसी, डगरुआ एवं रुपौली प्रखंडों को बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों ​महानंदा, परमान, कनकई, दास, कोशी, कुसहा, कारी कोशी एवं सौरा नदी के जलस्तर में अचानक होने वाली वृद्धि से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
​इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए ‘संभावित बाढ़-2026’ की पूर्व तैयारियों की अंचलवार समीक्षा की गई ।ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

​जन प्रतिनिधियों की समस्याओं से अवगत होने एवं प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

​बायसी अंचल अंतर्गत श्री सुजय कुमार सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), ​अमौर अंचल अंतर्गत श्री राजकुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) एवं ​बैसा अंचल अंतर्गत श्री विनय कुमार अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) बैठक में उपस्थित थे।

​बैठक में संबंधित प्रखंडों के अंचल अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, कृषि, पशुपालन, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग (PHC प्रभारी) के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया।

​बाढ़ पूर्व सुरक्षा एवं आश्रय स्थल: बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत ससमय पूर्ण करने तथा अंचल अधिकारियों को ऊंचे शरण स्थलों की मैपिंग, पर्याप्त नावों के पंजीकरण और सूखा राशन-दवाइयों का बफर स्टॉक तैयार रखने का निर्देश दिया गया।

ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक एवं कनीय अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों और पुल-पुलियों की तत्काल बहाली के लिए आपातकालीन योजना तैयार रखें ताकि आवागमन बाधित न हो।

अनुमंडल पदाधिकारी बायसी को प्राथमिकता सूची बनाकर ग्रामीण सड़को को सुदृढ़ करवाने का निदेश दिया गया।

मानसून के दौरान ढीले तारों को कसने, जर्जर पोलों को बदलने और बाढ़ की स्थिति में करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग के अभियंताओं को कड़े सुरक्षा मानक अपनाने का निर्देश दिया गया।

जर्जर तारों एवं जन प्रतिनिधि के शिकायतों को प्राथमिकता में लेते हुए जल्द से जल्द कारवाई करने का निदेश दिया गया।

​जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए राशन कार्ड से संबंधित मुद्दों (नए नाम जोड़ने, त्रुटियों में सुधार और सुचारू खाद्यान्न वितरण) पर संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने अनुमंडल पदाधिकारी को शिविर लगाकर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा ( भा०प्र०से) अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, कार्य पालक अभियंता फ्लड कंट्रोल, विद्युत, RWD एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.