बिहार में AI की ऐतिहासिक पहल: सरकार ने Sarvam AI और Bharat GPT के साथ किया MoU

By Gaurav Kabir

Published on: 10 मिनट पहले

बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग ने सुशासन और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Sarvam AI और Bharat GPT के साथ MoU साइन किया है। जानें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'डिजिटल बिहार' विजन के बारे में।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में सूचना प्रावैधिकी विभाग एवं सरवम डाॅट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) तथा भारत जीपीटी (CoRover Pvt. Ltd.) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बिहार ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है, जिससे सुशासन, नवाचार और नागरिक सेवाओं को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी AI मॉडल विकसित किया जाएगा, ताकि सरकारी सेवाएँ अधिक पारदर्शी, तेज, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बन सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य में AI कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे तथा AI आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

यह पहल डिजिटल बिहार के निर्माण और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखते हुए बिहार ने एक नई और ऐतिहासिक शुरुआत की है। आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य के सूचना प्रावैधिकी (IT) विभाग ने दो प्रमुख AI कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।​यह एमओयू सरवम डाॅट एआई (Exonwise Pvt. Ltd.) और भारत जीपीटी (CoRover Pvt. Ltd.) के बीच संपन्न हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में सुशासन, नवाचार (Innovation) और नागरिक सेवाओं को आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।​स्वदेशी AI मॉडल से आसान होंगी सरकारी सेवाएं​इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि AI के क्षेत्र में बिहार का यह कदम ऐतिहासिक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बिहार की स्थानीय आवश्यकताओं और भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए एक स्वदेशी AI मॉडल विकसित किया जाएगा। इससे सरकारी कामकाज में न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि नागरिक-केंद्रित सेवाएँ अधिक तेज, सरल और सुलभ हो सकेंगी।​

कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री एवं अधिकारी

समझौते की मुख्य विशेषताएँ (Key Highlights):

​नागरिक-केंद्रित सेवाएँ: AI के उपयोग से आम जनता के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाया जाएगा।​

कौशल विकास (Skill Development): राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने हेतु विशेष AI क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।​

स्टार्टअप इकोसिस्टम:

बिहार में AI आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग, फंडिंग मार्गदर्शन और एक बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) उपलब्ध कराया जाएगा।​डिजिटल बिहार की दिशा में मील का पत्थर​मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह तकनीकी गठजोड़ ‘डिजिटल बिहार’ के निर्माण और एक ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। सूचना प्रावैधिकी विभाग की इस पहल से न सिर्फ राज्य के तकनीकी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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