जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह मुक्त पंचायत के निर्माण हेतु कार्यक्रम आयोजित

By Gaurav Kabir

Published on: 2 घंटे पहले

महिला एवं बाल विकास निगम सुपौल के तत्वाधान में संकल्प जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह मुक्त पंचायत के निर्माण हेतु बिहार सरकार भवन बसबिट्टी में बाल विवाह उन्मुखीकरण कार्यक्रम के साथ सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन मुखिया श्रीमती नीलम देवी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

महिला एवं बाल विकास निगम सुपौल के तत्वाधान में संकल्प जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह मुक्त पंचायत के निर्माण हेतु बिहार सरकार भवन बसबिट्टी में बाल विवाह उन्मुखीकरण कार्यक्रम के साथ सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन मुखिया श्रीमती नीलम देवी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

जिला हब फार इम्पावरमेंट आफ वीमेन के जिला मिशन समन्वयक श्री हरिनारायण कुमार ने बताया कि आज हम सभी यहाँ एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय “बाल विवाह मुक्त पंचायत” के निर्माण हेतु एकत्रित हुए हैं। बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के अधिकारों का हनन भी है।
भारत में बाल विवाह निषेध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़कियों की विवाह योग्य आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है।
बाल विवाह के कारण लड़कियों की शिक्षा बाधित हो जाती है।मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ती है।कुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
घरेलू हिंसा और आर्थिक निर्भरता की संभावना बढ़ जाती है। लैंगिक विशेषज्ञ श्रीमती नितु कुमारी के द्वारा महिला पुरुष में लिंग के आधार पर भेद भाव बिषय पर चर्चा किया गया साथ में बाल विवाह निषेध हेतु बताया गया की आप सभी जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है कि अपने पंचायत क्षेत्र में कोई भी बाल विवाह न होने दें। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों, बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन 1098 अथवा पुलिस को सूचित करें।केन्द्र प्रशासक सखी वन स्टाप सेंटर श्रीमती कुमारी प्रतिभा के द्वारा बताया गया कि बाल विवाह के कारण लड़कियाँ कम उम्र में ही वैवाहिक जिम्मेदारियों के बोझ तले आ जाती हैं।शिक्षा अधूरी रह जाने से उनके रोजगार के अवसर सीमित हो जाते हैं, और वे आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर हो जाती हैं।आर्थिक निर्भरता के कारण वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में कठिनाई महसूस करती हैं।कम उम्र और अनुभव की कमी के कारण घरेलू हिंसा तथा शोषण का जोखिम बढ़ जाता है।इसलिए बाल विवाह रोकना, लड़कियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। लैंगिक विशेषज्ञ मोहम्मद तारीक सिद्धकी के द्वारा महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित योजना सखी वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 एवं जिला हब फार इम्पारमेंट आफ वीमेन के अलावा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया।महिला पर्यवेक्षिका रंजना कुमारी के द्वारा सबोंधित करते हुए बताया गया कि पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए पंचायत के वार्ड में कार्यरत सेविका एंव आशा दीदी के द्वारा अहम रोल निभाई जा सकती है ।पंचायत के उपमुखिया के द्वारा भी बाल विवाह जैसे कुप्रथा के विरोध करने के लिए सबको संबोधित किया गया ।
अंत में बाल विवाह रोकथाम हेतु कार्यक्रम अध्यक्षता कर रहे श्रीमती निलम देवी मुखिया बसबिट्टी के द्वारा सामूहिक रूप से शपथ भी दिलाया गया।धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

कार्यक्रम में प्रतिभागी के रुप में बसबिट्टी पंचायत की सभी आंगनबाड़ी सेविका, आशा, सभी वार्ड सदस्य, किशोरी, ग्रामीण महिला एंव पुरुषों मौजूद रहे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Social Welfare Department, Government of Bihar

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